तलाशी अभियान के दौरान मुस्तैद सुरक्षा बल के जवान। संवाद
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सुरक्षा एजेंसियों को मिल रहे आतंकियों की फिर घुसपैठ किए जाने के इनपुट
मंदिर के पुजारी ने देर रात तीन पिट्ठू बैग लिए लोगों को अंधेरे में आगे बढ़ते देखा
कठुआ/हीरानगर। हीरानगर में देर रात तीन संदिग्ध आतंकी पहाड़ों की ओर बढ़ते देखे गए। मामला पट्टा रसाना क्षेत्र का है, जहां एक मंदिर के पुजारी ने देर रात तीन बजे तीन पिट्ठू बैग लिए लोगों को अंधेरे में आगे बढ़ते देखा। अंदेशा जताया जा रहा है कि आतंकी फिर घुसपैठ कर आए हैं। सुरक्षाबलों ने दिनभर इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया है।
खुफिया एजेंसियों को आतंकी घुसपैठ को लेकर इनपुट भी मिले थे। सूत्रों के अनुसार जैश के आठ आतंकियों का दल पाकिस्तान के अमरू चक और सुखमल इलाके से घुसपैठ की फिराक में हैं। तरनाह से बेईं के बीच आतंकी रेकी कर घुसपैठ करने की फिराक में थे। खुफिया एजेंसियों को अंदेशा है कि आतंकी तीन और पांच के अलग-अलग समूहों में घुसपैठ करने की फिराक में हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि रसाना में देखे गए संदिग्ध घुसपैठ कर आए नए आतंकियों का दल हो सकता है। हालांकि घुसपैठ कहां से हुई और यह हाईवे पार कर रसाना तक कैसे पहुंच गए यह फिर पहेली बन गया है।
उधर, रसाना में मंदिर के पुजारी ने बताया कि देर रात तीन बजे वह शौच के लिए निकले तो बाहर तीन संदिग्ध जंगल की ओर बढ़ते देखे। पुजारी के मुताबिक तीनों सेना की वर्दी में थे और पिट्ठू बैग लिए थे। पहले लगा कि सेना के जवान गश्त कर रहे हैं, जिसके बाद उन्हें कुछ देर बाद पुलिस और स्थानीय लोगों को सूचित किया। सुबह सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर इलाके में तलाशी अभियान छेड़ दिया है। एसओजी और सेना के जवान इलाके को खंगाल रहे हैं।
घुसपैठ के बाद पहाड़ों को जाने के लिए इसी रूट का इस्तेमाल कर रहे आतंकीबीते साल पाकिस्तान से घुसपैठ कर आए दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने रसाना से सटे सैडा सोहल गांव में दो दिन ऑपरेशन चलाकर ढेर कर दिया था। इस दौरान एक नागरिक घायल हुआ और एक सीआरपीएफ जवान भी शहीद हुए थे। इस बार आतंकी फिर रूट पर दिखाई दे रहे हैं। यह इलाका बीते महीने आतंकी घुसपैठ के गवाह बने सन्याल से भी ज्यादा दूरी पर नहीं है। हाईवे की ओर बढ़ने पर पट्टा रसाना का ही इलाका आता है। इसके बाद आतंकी पहाड़ों और जंगलों की ओट में बिलावर और रामकोट के इलाके से उधमपुर या कठुआ के पहाड़ों तक घुसपैठ करते रहे हैं। यह भी अंदेशा है कि आतंकियों की ताजा घुसपैठ हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की घुसपैठ का पता लगाने में जुटी हैं। पट्टा रसाना के इस इलाके में पहले भी ड्रोन ड्रॉपिंग के मामले सामने आ चुके हैं। संवाद