राष्ट्रीय राजमार्ग जम्मू-पठानकोट पर सहार खड्ड पुल के बरसात में क्षतिग्रस्त होने से कालीबड़ी स्थित बिना लाइट के स्थापित डायवर्जन हादसों को न्यौता दे रहे हैं। मंगलवार को दिवाली की रात इन डायवर्जनों से दो कारें टकरा गईं, जिससे दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि इन कार चालकों को मामूली चोटें आईं और कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इससे एक रात पहले भी एक कार इन डायवर्जनों से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे के नजदीक गुप्ता अस्पताल के पास नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) द्वारा क्षतिग्रस्त सहार खड्ड पुल की एक ट्यूब को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और पूरी ट्रैफिक व्यवस्था एक ही ट्यूब के सहारे संचालित है। इसके चलते जम्मू की ओर जाने वाले वाहन को दिन के समय यह डायवर्जन तो साफ दिखाई देता है, लेकिन रात में कोई साइन बोर्ड या ट्रैफिक लाइट नहीं होने से कई वाहन इसकी चपेट में आ रहे हैं।
दिवाली की रात पठानकोट की तरफ से आ रही एक टाटा कंपनी की कार डायवर्जन से इतनी जोर से टकराई कि वाहन के सेफ्टी बैग खुल गए और चालक की जान बाल-बाल बच गई। वहीं पंजाब नंबर की एक ऑल्टो कार भी टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। लोगों का कहना है कि हाईवे अथॉरिटी द्वारा डायवर्जन के लिए लगाए गए सीमेंट के पिलर को एक-दो जगहों से मोटरसाइकिल और लोकल कार चालकों ने खोल दिए हैं। इससे वहां से आसानी से छोटे वाहन निकल जाते हैं, लेकिन पीछे से तेज गति से आने वाला वाहन रात के समय इन बिना लाइट के डायवर्जन के चलते भ्रमित हो जाता है और हादसे का शिकार हो जाता है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि यहां ट्रैफिक लाइट लगाकर डायवर्जन को सही तरीके से स्थापित किया जाए ताकि लोगों की जान बच सके। क्योंकि पुल के क्षतिग्रस्त होने के दो महीने बाद भी मरम्मत कार्य शुरू भी नहीं हुआ है।