पशुओं को इलाज के लिए लाना पड़ता है नगरोटा गुजरू
रामकोट। तहसील की पंचायत कंधारनू में पशु चिकित्सालय नहीं होने के कारण स्थानीय 500 से अधिक पशुपालक पशु के बीमार पढ़ने या किसी भी प्रकार के पशुओं के इलाज के लिए 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलकर नगरोटा गुजरू जाते हैं।
स्थानीय निवासी रवि खजूरिया ने बताया कि 2000 से अधिक आबादी वाली पंचायत में लोग कई बार कंधारनू में पशु चिकित्सालय खोलने की मांग कर चुके हैं, लेकिन पंचायत में पशु चिकित्सालय केंद्र नहीं खुला। उन्होंने बताया कि लोगों को धार मुख्य सड़क से होते हुए पशुओं को 2 से 3 किलोमीटर पैदल ले जाकर आवागमन करना पड़ रहा है और आवागमन के दौरान मुख्य सड़क से आप आगमन के दौरान पूर्व में पशु कई बार गाड़ी की चपेट में आ चुके हैं। इससे पशुपालकों को आर्थिक हानि भी उठानी पड़ती है। स्थानीय पूर्व रेंज अधिकारी रमेश कुमार ने कंधारनू इलाके में पशुपालकों की सुविधा के लिए पशु चिकित्सालय केंद्र नहीं होने के कारण समस्या से अवगत करवाया। नरेश कुमार ने बताया कि इलाके में पशु चिकित्सालय नहीं होने के कारण पशुपालकों को लंबी दूरी तय करके नगरोटा गुजरू में स्थित चिकित्सालय में जाना पड़ता है जिस कारण पशुपालक कई कई घंटे व्यर्थ आवागमन में गवां देते हैं और कई बार ऑटो या अन्य वाहन के जरिए पशुओं को ले जाने और लाने में गरीब पशुपालकों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। संवाद