फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kathua News: बाढ़ से मिले जख्म भरे भी नहीं और दूसरों की मदद के लिए बढ़ाया हाथ

विज्ञापन
मथुरा चक से पंजाब के लिए राहत सामग्री भेजते स्थानीय लोग।
विज्ञापन
हीरानगर। दूसरे का दुख वही समझ सकता है जिसने खुद दुख झेला हो। इस बात को सीमावर्ती गांव मथुरा चक और छन्न चरखडी के लोगों ने सच साबित कर दिखाया है। हाल ही में खुद बाढ़ की भीषण मार झेलने के बावजूद इन गांवों के लोगों ने पड़ोसी राज्य पंजाब में बाढ़ पीड़ितों के लिए एक ट्रक भर कर राहत सामग्री भेजी है।
विज्ञापन

कुछ दिनों पहले तरनाह नाले में आई बाढ़ से इन गांवों के घर और खेत पानी में डूब गए थे। लोगों का राशन खराब हो गया था और खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो गई थीं। इस त्रासदी से उबरने से पहले ही ग्रामीणों ने दूसरों की मदद का बीड़ा उठा लिया।
स्थानीय निवासी सुनील सिंह, बलबीर सिंह, और जगदीश सिंह ने बताया कि उन्होंने हाल ही में आपदा का दर्द महसूस किया है। इसलिए वे समझते हैं कि जब ऐसी स्थिति आती है तो लोगों को कैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि पंजाब में हालात और भी खराब हैं। इसीलिए अपने दुख को भूलकर उन्होंने पूरे गांव से खाने-पीने और अन्य जरूरी सामान इकट्ठा किया और पंजाब के लिए भेजा। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी स्थिति से भी उबरेंगे और पंजाब के लोगों की हर संभव मदद भी करते रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें