गर्मी के मौसम में सूख रहा नाज दरिया का पानी। संवाद
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बिलावर। उपमंडल में पिछले ढाई महीने से बारिश न होने के कारण इलाके में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। नदी नालों का जलस्तर कम होने लगा है। परिणाम स्वरूप नाले और अन्य प्राकृतिक स्रोत का जलस्तर लगातार घट रहा है। बिलावर निवासी अरुण कुमार ने बताया कि कई नालों के सूखने की वजह से मवेशियों को पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
टांडी निवासी कुलदीप कुमार ने बताया कि गांव के ज्यादातर लोग प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी पीते हैं, लेकिन पिछले कई महीनों से बारिश न होने से गांव के आसपास के प्राकृतिक जल स्रोतों का जलस्तर कम हो गया है। ऐसे में लोगों को तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। होटार गांव के निवासी बिशन दास ने बताया कि गांव के ज्यादातर लोग पशुपालन किए हुए हैं। ऐसे में आसपास के प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी कम हो जाने की वजह से पशुओं को पानी पिलाने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। रोशन लाल ने बताया कि इस बार बारिश न होने के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों में सीमित पानी बचा है, अगर जल्द बारिश नहीं होती है तो आने वाले महीनों में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ेगा।