हीरानगर। शांत निकेतन सन्यास आश्रम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। कार्यक्रम में कथा वाचक द्वारा प्रह्लाद चरित्र, गजेंद्र मोक्ष और समुद्र मंथन की कथा सुनाई गई।
कथा वाचक ने श्रद्धालुओं को भक्त प्रह्लाद की अडिग भक्ति, गजेंद्र की करुण पुकार पर भगवान विष्णु का अवतरण, और समुद्र मंथन की रोमांचक घटनाओं से परिचित कराया। उनके भावपूर्ण और ओजस्वी वाचन से समूचा वातावरण भक्तिरस में डूब गया।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि प्रह्लाद चरित्र हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति किसी भी अत्याचार के आगे नहीं झुकती। वहीं गजेंद्र मोक्ष कथा दर्शाती है कि संकट की घड़ी में भगवान अपने भक्त की रक्षा अवश्य करते हैं। समुद्र मंथन की कथा में धैर्य, सहयोग और देव-सुर संग्राम के बीच से निकली अमूल्य सीखों को भी रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का समापन भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण जन्म आरती के साथ हुआ।