जिले में सितंबर महीने के दूसरे सप्ताह से डेंगू के मामलों में इजाफे ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को आई रिपोर्ट के अनुसार इस दिन डेंगू के कुल 23 मामले सामने आए। इसके साथ अब मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 306 पहुंच गया।
डेंगू से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में कठुआ शहर का वार्ड नंबर 10 और 11 के साथ बरनोटी क्षेत्र है। यहां विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के साथ बुखार से पीड़ित पाए जाने वाले मरीजों के खून के सेंपल भी ले रही हैं। जबकि नए प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व की भांति ही मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव भी स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग के द्वारा किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय रैना ने बताया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में डेंगू जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने दें। साथ ही पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छररोधी क्रीम का इस्तेमाल करें।
उन्होंने डेंगू के प्रमुख लक्षणों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी मरीज को तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते जैसी समस्या आए तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।