चुनावी समर के लिए मैदान मारने की तैयारी में जुटे सियासी दल और नेताओं के बीच पोस्टर बैनर का युद्ध छिड़ गया है। अपने नेताओं के लिए चुनावी जमीन तैयार करने के लिए कई जगह पोस्टर और बैनर लगाने में जुटे कारकून एक दूसरे के साथ तनातनी पर उतारू हो गए हैं।
किसी जगह एक प्रत्याशी का पोस्टर और बैनर लगा है तो कोई दूसरा उसे हटाकर अपना लगा रहा है। ऐसे में प्रचार सामग्री से अपनी मौजूदगी को प्रभावी बनाने के लिए संघर्ष का दौर छिड़ गया है। आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के लिए गठित प्रकोष्ठ के पास इस तरह की कई शिकायतें आ चुकी हैं।
कठुआ जिले की पांचों विधानसभा सीटों के लिए मतदान 20 दिसंबर को होना है लेकिन प्रचार अभियान के दौरान पोस्टर बैनर युद्ध की झड़पों से संबंधित एक दर्जन से अधिक शिकायतें आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की निगरानी कमेटी के पास पहुंच चुकी हैं। वैसे अभी तक एमसीसी कमेटी के पास कुल डेढ़ दर्जन शिकायतें आ चुकी हैं।
इनमें धार्मिक स्थल को चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल की शिकायतें भी शुमार हैं लेकिन सबसे ज्यादा शिकायतें एक दूसरे के बैनर और पोस्टर हटाकर अपने लगाने की जबरदस्ती से संबंधित हैं।
उस में भी खास बात ये है कि सबसे ज्यादा शिकायतेें कठुआ विधानसभा क्षेत्र से आ रही हैं। एमसीसी को प्रभावी ढंग से लागू करवाने के लिए गठित कमेटी के नोडल अफसर अरशद चौधरी के अनुसार आदर्श आचार संहिता उल्लंघन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सियासी दलों को पहले से आदर्श आचार संहिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा चुकी है।