भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को मिला मुंहतोड़ जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोट। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति को देखते हुए तहसील के अलग-अलग इलाकों से लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं राखी लोगों ने दोनों देशों के बीच हुए युद्ध विराम के समझौते को सही बताते हुए इसे पूरी तरह से कायम करने की इच्छा रखी।
पाकिस्तान कई वर्षों से आतंकवादियों का समर्थक रहा है। भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब मिला है इस तरह के बड़े ऑपरेशन की समय की जरूरत बन चुकी थी। पाकिस्तान को उसकी नापाक हरकतों से रोकने का एकमात्र यही उपाय था। दोनों देशों के बीच अब युद्ध विराम का समझौता बिल्कुल सही है युद्ध किसी भी लड़ाई का समाधान नहीं है।
जुगतार सिंह निवासी उचा पिंड
गत 22 अप्रैल को पहलगाम में पाकिस्तान परस्त उग्रवादियों द्वारा धर्म पूछ कर 26 बेकसूर लोगों की हत्या कर दी गई यह बिल्कुल मानवता के खिलाफ है। आतंकवादियों को सबक सिखाने के लिए भारत की ओर से बिल्कुल सही जवाब दिया गया। कई पीढि़यों तक पाकिस्तान इसको याद रखेगा। मगर दोनों देशों के बीच युद्ध लंबा नहीं खींचना चाहिए, इससे आम आदमी को नुकसान होगा। युद्ध विराम को दोनों देशों की ओर से सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। भारतीय सेना ने अद्भुत पराक्रम दिखाते हुए आतंकवादियों को चुन-चुन कर मारा है। इसके लिए भारत की जल, थल और वायु सेना को शत-शत नमन।
दिलीप सिंह, निवासी उचा पिंड
युद्ध जैसी स्थिति से बॉर्डर से लोगों का पलायन लगातार सुरक्षित इलाकों की ओर शुरू हो चुका था। इस कारण लोगों को अपने आशियानों के साथ कामकाज को भी छोड़ना पड़ा और दूसरी जगह पर जाकर रहना पड़ा। परिवार सहित दूसरी जगह रहना लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ डाल रहा था। युद्ध विराम का बिल्कुल सही निर्णय लिया गया है, लेकिन पाकिस्तान ने युद्ध विराम के बाद शनिवार रात 11 बजे तक बॉर्डर के इलाकों में फायरिंग की, जो चिंताजनक है। पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
संदेश कुमार, तहसील रामकोट