3.75 करोड़ की लागत से दो साल में पूरा होगा निर्माण कार्य
नहर के पानी को अंतिम छोर पर स्थित खेतों को उपलब्ध करवाने की कवायद शुरू
कठुआ। सरकार ने नहर के पानी को अंतिम छोर पर स्थित खेतों को उपलब्ध करवाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार ने कमांड एरिया डेवलपमेंट के तहत जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत पड़ने वाली कई नहरों की कूहलों को पक्का करने की योजना बनाई है। यह योजना दो सालों में पूरी की जाएगी।
इसके लिए सरकार ने कमांड एरिया डेवलपमेंट के तहत कुल 3.75 करोड़ की राशि उपलब्ध करवाई है। जिले की बनी, बसोहली और बिलावर विधानसभा क्षेत्र की कूहलों को पक्का करने के लिए जहां 50-50 लाख की राशि उपलब्ध करवाई गई है। वहीं, जसरोटा, कठुआ और हीरानगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाली कूहलों के निर्माण के लिए 75-75 लाख की राशि रखी गई है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो गेहूं की फसल की कटाई के बाद और धान की बिजाई से पहले कूहलों को पक्का करने का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसे अगले दो साल के भीतर पूरा करने की योजना है। इससे सिंचाई व्यवस्था के साथ-साथ किसानों की आमदनी में भी सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि नहर में सिंचाई पानी उपलब्ध होने के बावजूद पानी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंचता है। इसके लिए इस परियोजना को अमल में लाया जा रहा है। इस परियोजना के तहत बनी स्थित आसो-दरवल की कूहल की फील्ड चैनल का निर्माण किया जाएगा। वहीं, बसोहली की नौशेरा, कोवा और नीलीपीर खान कूहल और बिलावर की सेरी-बेरिल की कूहल-1 और 2 के सिंचाई नालों का निर्माण होगा। जसरोटा विधानसभा की उज्ज नहर की 1, 2 और 3 नंबर की कूहल, बल्कि हीरानगर विधानसभा के अंतर्गत पड़ने वाली उज्ज नहर की बलनबाला कूहल के नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। वहीं, कठुआ विधानसभा के कठुआ नहर की डिस्ट्रीब्यूटरी-1 और 6वीं कूहल के पील्ड चैनलों को पक्का किया जाएगा। संवाद
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परियोजना का नाम निर्धारित राशि
1. बनी की आसो-दरवल कूहल 50 लाख
2. बसोहली की नौशेरा, कोवा और नीलीपीर खान कूहल 50 लाख
3. बिलावर की सेरी-बेरिल की कूहल-1 और 2 50 लाख
4. जसरोटा की उज्ज नहर की कूहल 1, 2 और 3 75 लाख
5. हीरानगर की उज्ज नहर की बलनबाला कूहल 75 लाख
6. कठुआ नहर की डिस्ट्रीब्यूटरी-1 और 6वीं 75 लाख
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कोट
किसानों के अंतिम छोर के खेतों तक सिंचाई उपलब्ध करवाने के लिए इस परियोजना को अमल में लाया जा रहा है। गेहूं की कटाई के बाद फील्ड चैनल निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसे अगले दो साल में पूरा किया जाएगा। ज्यादातर निर्माण कार्य फसल की कटाई और बिजाई के बीच के समय में करवाए जाएंगे।
-बृज मोहन राणा, सहायक मृदा संरक्षक अधिकारी दयालाचक