फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डोडा से डलहौजी तक तीन घंटे का होगा सफर, छत्तरगला टनल बनेगी देश की दूसरी डीएनडी : डॉ. जितेंद्र सिंह

विज्ञापन
सरकार की उपल​ब्धियां बताते हुए केंद्रीय मंत्री और विधायकस्रोत संवाद
विज्ञापन
मोदी सरकार के 12 साल बेमिसाल अभियान के तहत गिनाईं ऐतिहासिक उपलब्धियां
विज्ञापन




संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रस्तावित छत्तरगला टनल के निर्माण के बाद डोडा से डलहौजी का सफर महज तीन घंटे में पूरा होगा। हाल ही में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा कि यह टनल जम्मू-कश्मीर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और इसे देश की दूसरी डीएनडी (डोडा-डलहौजी कनेक्टिविटी कॉरिडोर) के रूप में विकसित किया जाएगा।

हीरानगर के खिलोचक में आयोजित मोदी सरकार के 12 साल बेमिसाल जनसंपर्क अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, रेल और डिजिटल क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक नई पहचान बनाई है और विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि इस टनल की सामरिक दृष्टि से भी अधिक महत्व है। इसके निर्माण से इस इलाके में वर्षों तक आतंकियों के छिपने का सुरक्षित ठिकाना भी ध्वस्त होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में कठुआ जिले में न केवल मेडिकल कॉलेज, नार्थ जोन का पहला होम्योपैथी कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज भी मिला है बल्कि दशकों से ठंडे बस्ते में पड़ी शाहपुर कंडी परियोजना को भी मोदी सरकार में प्राथमिकता पर शुरू करवाया है। उज्ज मल्टीपर्पस परियोजना को भी दोबारा शुरू करने अनुमति दी है। इस मौके पर विधायक जसरोटिया, डॉ. भारत भूषण, पूर्व जिला परिषद के उपाध्यक्ष रघुनंदन सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष उपदेश अंडोत्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन



बैंगनी क्रांति से सैकड़ों युवाओं को मिला रोजगार

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इन्हीं 12 सालों में मोदी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बैंगनी क्रांति से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए। वर्तमान में करीब 900 युवाओं को लेवेंडर की खेती में रोजगार मिल रहा है, जो हर वर्ष औसतन 60 लाख रुपये कमा रहे हैं। सरकार ने निर्णय लिया है कि लेवेंडर की खेती को उधमपुर के लाटी और कठुआ के बनी-बसोहली इलाके में विस्तार किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें