-बिजली विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप, परिजन के लिए मांगी सरकारी नौकरी
-करंट लगने से हुई थी शुभम मन्हास की मौत, परिवार को 20 लाख मुआवजा देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मिश्रीवाला। बिजली विभाग के अस्थायी कर्मचारी शुभम मन्हास की करंट लगने से दर्दनाक मौत के बाद परिजनों ने जम्मू-अखनूर राजमार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रख कर प्रदर्शन किया। इससे वाहनों की कतारें लग गईं।
उन्होंने मृतक के परिवार को तत्काल 20 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा देने परिवार के एक सदस्य को बिजली विभाग में स्थायी नौकरी देने, लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने और सभी अस्थायी कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि विभाग की ओर से सुरक्षा हेलमेट, दस्ताने और इंसुलेटेड टूल्स उपलब्ध नहीं कराए जाते जो ऐसी दुर्घटनाओं को न्योता देते हैं। विभाग की लापरवाही ने एक परिवार को बर्बाद कर दिया।
सूचना पाकर जम्मू पुलिस, एसडीएम अखनूर और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी लिखित आश्वासन पर अड़े रहे। लगभग तीन घंटे चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन ने मुआवजे और नौकरी की मांग पर सहमति जताई। इसके बाद जाम हटाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिजली विभाग ने भी आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।
यह था मामला
मृतक शुभम मन्हास डुमी गांव अखनूर तहसील के निवासी थे। परिजन के अनुसार, शुभम बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए टूटे हुए बिजली के तार की मरम्मत कर रहे थे। उन्होंने काम शुरू करने से पहले अपने विभागीय अधिकारियों को लाइन बंद करने के लिए सूचित किया था। लेकिन कथित तौर पर इस बीच बिजली चालू कर दी गई, इससे उन्हें करंट का झटका लगा और मौत हो गई।