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Kathua News: खेतों में बिछी रेत की चादर में दबी किसानों की मेहनत

Fri, 29 Aug 2025 12:16 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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उज्ज दरिया सटे खेतों में धान की फसल पर बिछी रेत।
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हीरानगर। बारिश थम चुकी है, लेकिन जो तबाही पीछे छोड़ गई है वह लोगों के दिलों में गूंजती चीख बनकर रह गई है। उज्ज दरिया और तरनाह नाला अब शांत हैं, मगर उनके रौद्र रूप की यादें अभी भी सीमावर्ती गांवों के लोगों को सिहरन देती हैं। खेतों में जहां कभी धान की फसल लहराती थी, वहां अब रेत की मोटी परत बिछी है। जैसे किसी ने किसानों की मेहनत को दफन कर दिया हो।
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बारिश से हुई तबाही ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें और जनप्रतिनिधि प्रभावित इलाकों में लोगों का दुख बांटने का प्रयास तो कर रहे हैं लेकिन लोगों को तबाही में हुए नुकसान से उभरने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। हीरानगर उप मंडल में उज्ज दरिया और तरनाह नाला ने जो रौद्र रूप दिखाया वह पहले कभी न तो लोगों ने सोचा था और न कभी देखा। धान की पैदावार के हब कहे जाने वाले सीमावर्ती इलाके में बाढ़ ने फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। खेतों में लगी फसल रेत और मलबे में दब चुकी है। नुकसान के आकलन के लिए प्रशासनिक टीमें जुटी हुई हैं। लेकिन कुल नुकसान की पूरी रिपोर्ट अभी तक तैयार नहीं हो पाई है। लेकिन जमीनी हालात को देखते हुए इस इलाके में 80 प्रतिशत से अधिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि बारिश ने जो बर्बादी की है उससे उभरना आसान नहीं है। सरकार की ओर से कोई उचित सहायता मिलती है तो थोड़ी बहुत भरपाई हो सकती है।
सरकार से सहायता का इंतजार कर रहे हैं किसान

सीमावर्ती गांव मनियारी निवासी कुलदीप कुमार ने कहा बारिश के दौरान उनके इलाके में सभी खेत पानी में डूब गए। इससे धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसान परेशान हैं क्योंकि उनकी आजीविका कृषि पर निर्भर है। अब सरकार को किसानों का हाथ थामना चाहिए ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।
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ऐसी स्थिति में लोगों को सरकार की सहायता की बेहद जरूरत


पूर्व एमएलसी सुभाष गुप्ता ने कहा इस बरसात की बारिश आफत बनकर बरसी है जिसने न सिर्फ खेतों में लगी फसल को नुकसान पहुंचा है बल्कि किसानों की कमर ही तोड़ दी है। बारिश के पानी से रिहायशी इलाकों में भी नुकसान हुआ है। ऐसी स्थिति में लोगों को सरकार की ओर से सहायता की बेहद जरूरत है। इसलिए सरकार और प्रशासन को लोगों की सहायता के लिए जल्द प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
समय रहते होती कार्रवाई तो हालात कुछ और होते

कोटपुन्नू के पूर्व सरपंच विनय शर्मा ने कहा हर बरसात में उज्ज दरिया ने फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसे रोकने के लिए प्रशासन या सरकार की ओर से कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए। पिछले 5 वर्षों से हम इस दरिया के पानी को चैनेलाइज करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा दरिया के पानी को चैनेलाइज करने और तटबंध बनाने के लिए 14 करोड़ की डीपीआर भी बनी थी, लेकिन उस पर आगे कोई अमल नहीं हुआ। अगर लोगों के नुकसान को रोकने के लिए समय रहते कोई कार्रवाई की गई होती तो शायद इतना नुकसान न होता जितना हुआ है।
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