सुरक्षाबलों ने खंगाले आतंकियों के ठिकाने, मूवमेंट के संभावित रूट पर नाकेबंदी
पुलिस महानिदेशक और डीआईजी सांबा-कठुआ-जम्मू रेंज ने लिया स्थिति का जायजा
कठुआ/बिलावर। कठुआ और बिलावर से सटे जंगलों में छिपे आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। सुरक्षाबलों ने आतंकियों के छिपने के ठिकानों को तलाशा और मूवमेंट के संभावित रूट पर जगह-जगह कड़ी नाकेबंदी की।
लोहाई मल्हार और पंजतीर्थी में दिनभर आतंकियों की तलाश में जंगल को खंगाला गया। उधर, पुलिस महानिदेशक और डीआईजी सांबा-कठुआ-जम्मू रेंज बिलावर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन की स्थिति का जायजा लेने के लिए मौजूद रहे।
बता दें कि 23 मार्च को हीरानगर के सन्याल गांव के पास ढोलका में आतंकियों के साथ शुरुआती मुठभेड़ के बाद से सुरक्षाबल उनका पीछा कर रहे हैं। सुफैन में दूसरी बार हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को ढेर किया गया था जबकि एक हेड कांस्टेबल समेत चार जवान भी बलिदान हुए थे। इसके बाद से ही तीन और आतंकियों की तलाश इलाके के जंगलों में चल रही है। इनसे सुरक्षाबलों की पंजतीर्थी में उज्ज दरिया में मुठभेड़ हुई। सोमवार देर रात शुरू ऑपरेशन के बाद से ही सुरक्षाबल पंजतीर्थी के चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे हैं।
वहीं आसपास के क्षेत्रों में आतंकियों के छिपे होने की आशंका को देखते हुए घेराबंदी की गई है। पहाड़ों की ओर जाने के रूट पर जगह-जगह सुरक्षाबलों ने आतंकियों को ढेर करने के लिए घात लगाए हैं।
बुधवार को सुरक्षाबलों ने पंजतीर्थी से सटे उज्ज दरिया नाज भीनी तनारी सूत्र नाले से सटे जंगलों में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान ड्रोन की मदद भी ली।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों ने लोअर डुंगाडा लोअर डडवाड़ा बाला सुंदरी से सटी पहाड़ियों के साथ-साथ बरोटा से सटे जंगलों की घेराबंदी की है। उधर मल्हार के साथ-साथ सुरग और इच्छु के आसपास के जंगलों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया। संवाद