कठुआ। बसोहली के सन्नघाट में श्रीराम कथा का आयोजन जारी है। बुधवार को जारी कथा में कथाव्यास मानस मर्मज्ञ श्री राम दास अनुरागी ने कथा की शुरुआत प्रभु श्रीराम के वनगमन प्रसंग से की। उन्होंने माता-पुत्र, भाई-भाई, पति-पत्नी और राजा-प्रजा के प्रेम संबंधों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।
जारी कथा के दौरान कथाव्यास ने कहा कि माता चाहे जैसी भी हो, वह वंदनीय होती है। श्रीराम द्वारा माता कैकई के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेना इस प्रेम का प्रतीक है। कथा के दौरान उन्होंने पिता की आज्ञा को शिरोधार्य करने की महत्ता बताई और भाईचारे को शांति का मूल बताया।