विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने ऑनलाइन धोखाधड़ी मामले में 30 हजार की फ्रीज राशि को शिकायतकर्ता के बैंक खाते में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। अदालत ने जिला साइबर सेल को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक शाखा वाशी नवी मुंबई में फ्रीज राशि को डी-फ्रीज कर उसे शिकायतकर्ता के बसोहली स्थित पंजाब नेशनल बैंक के खाते में स्थानांतरित करने के लिए कहा है।
शिकायतकर्ता रघुराज पुत्र स्वर्गीय राम प्रकाश निवासी वार्ड नंबर एक बसोहली ने साइबर सेल में शिकायत की थी कि उसके बसोहली स्थित पंजाब नेशनल बैंक खाते से 99 हजार एक सौ रुपये की राशि को धोखाधड़ी करने वालों ने निकाल लिया है। उन्होंने बताया कि उक्त राशि तीन ट्रांजेक्शन में निकाली गई। इसमें 30 हजार, 49 हजार 100 रुपये और 20 हजार शामिल है। इसके बाद पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए 30 हजार की राशि को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक शाखा वाशी नवी मुंबई में संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क साध कर उसे फ्रीज करवा दिया गया था। वहीं, पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कोर्ट को बताया कि 49 हजार 100 रुपये को धोखाधड़ी करने वाले आईडीबीआई बैंक की शाखा महाराजगंज सीवान बिहार में ट्रांसफर की गई थी, जबकि 20 हजार की राशि इंडियन बैंक की शाखा नंगनल्लूर कांचीपुरम तमिलनाडु में ट्रांसफर की गई। जिसके बाद इसे किसी ओर बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है। जिसकी पुलिस अभी जांच करने में जुटी हुई है। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 30 हजार की फ्रीज राशि को शिकायतकर्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर करने का साइबर सेल को फैसला सुनाया है। इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि राशि के स्थानांतरित करने से पहले संबंधित बैंक को आरोपी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर कम से कम दो दिन पहले सूचना देने का निर्देश सुनाया है।