विधायक चरणजीत सिंह जसरोटिया ने कार्यक्रम के दौरान संबोधन में कहा कि वह प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं और अब राजनीति में आकर जनसेवा कर रहे हैं।
लेकिन दोनों में बहुत अंतर है। उन्होंने साफ कहा कि देश जिसे क्रिमी लेयर मानता है वही सबसे बड़े स्कैम करती है।
उन्होंने कठुआ कैंपस का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले 10 सालों की लड़ाई के बाद जाकर कैंपस का निर्माण कार्य शुरू हुआ है।
उन्होंने कहा कि जब वह प्रशासनिक अधिकारी थे उस समय से ही उन्हें अहसास हुआ था कि किस प्रकार अधिकारी भूमाफिया के आगे झुककर कर्तव्य से दूर हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि वह विद्यार्थियों को यह सब इसलिए बता रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को इस बात का ज्ञान हो कि जिस कैंपस में वह पढ़ रहे हैं उसे बनने में कैंपस निर्माण के हितैषियों ने किन मुसिबतों से सामना किया है।
उन्होंने कहा कि कैंपस की भूमि पर भूमाफिया की नजर रही है और अप्रैल में काम शुरू होने के बाद भी इसे रोकने के लिए कई प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि वह अब भी कैंपस के लिए हाईकोर्ट में तीन केस लड़ रहे हैं।