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Kathua News: घर में घुसकर हत्या के प्रयास मामले में आरोपी को मिली सशर्त जमानत

Thu, 15 May 2025 12:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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अदालत से
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जमानत के लिए 50 हजार राशि के दो जमानतदारों को कोर्ट के समक्ष पेश करने का निर्देश

संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। जिला न्यायालय के उप-न्यायाधीश ने घर में घुसकर हत्या के प्रयास मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार आरोपी को जमानत के लिए 50 हजार राशि के दो जमानतदारों को कोर्ट के समक्ष और समान राशि का व्यक्तिगत बांड जिला जेल प्रभारी के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को जांच अधिकारी के समक्ष बुलाने पर उपस्थित रहने के साथ-साथ किसी भी तरीके से मामले के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे। इसके अलावा अभियुक्त को बिना न्यायालय की पूर्व अनुमति से न्यायालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने पर प्रतिबंध है। अगर आरोपी किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है तो अभियोजन पक्ष जमानत को रद्द करने की मांग कर सकता है।
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पुलिस की ओर कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी राम पाल निवासी तंडयारी छन्न अरोडियां पर शिकायतकर्ता के घर में घुसकर उस पर हमला करने का आरोप है, जिससे शिकायतकर्ता घायल हो गया था। इसके बाद राजबाग पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(6)/109/3(5) मामला दर्ज कर कार्रवाई की थी। जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि मामले के तीन अन्य आरोपी वर्तमान में जमानत पर हैं और एक को अग्रिम जमानत दी गई है। वहीं, पीड़ित को भी अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि उसका मुव्वकिल निर्दोष है और जमानत के लिए कोर्ट की सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार है। लिहाज उसे जमानत दी जाए। जिसका अभियोजन पक्ष की ओर विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि पीड़िता का बयान अभी दर्ज नहीं किया गया है और आरोपों द्वारा अपराध की गंभीर प्रकृति को देखते हुए जमानत नहीं दी जानी चाहिए। कहा कि अगर आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता है। जिसके बाद आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि अन्य सभी आरोपी व्यक्ति जमानत पर हैं और अपराध का कथित हथियार बरामद किया जा चुका है। वर्तमान में आरोपी को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसके बाद आरोपी की जमानत की अपील की गई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि पीड़िता को अस्पताल से छुट्टी मिले दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन जांच अधिकारी के पास उसका बयान दर्ज नहीं करने का कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं है। मामले में बरामदगी पहले ही हो चुकी है। लिहाजा अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखकर सिर्फ आरोपी को जमानत से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत का आदेश दिया है।
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