- हाईवे अथॉरिटी का फरवरी तक पुल तैयार करने का दावा
- मरम्मत के बाद बड़े माल वाहक चालकों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ/हीरानगर। जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर तरनाह नाले में धंसे पुल की मरम्मत का काम आखिरकार लगभग तीन महीने के इंतजार के बाद शुरू हो गया है। फिलहाल पुल के धंसे हिस्से को गिराने का काम शुरू हुआ है।
एनएचएआई की ओर से दावा किया गया है कि फरवरी तक पुल की मरम्मत कर हाईवे पर यातायात को सुचारू करने के लिए तैयार कर दिया जाएगा। 19 जुलाई को पुल के कुछ पिलर धंसने से पुल टेढ़ा हो गया था। इसके बाद से हाईवे की ट्रैफिक को ओल्ड सांबा कठुआ रूट पर परिवर्तित किया गया। करीब 2 महीने बाद पुल के नजदीक एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया, इस पर हल्के वाहन और यात्री बसों की आवाजाही सुनिश्चित की गई। बड़े मॉल वाहकों को ओल्ड सांबा कठुआ सड़क से ही भेजा जा रहा है। कुछ वाहन नाले में कच्चे रास्ते से होकर गुजर रहे हैं। लंबे समय से लोग पुल की मरम्मत का काम शुरू करने की मांग कर रहे थे। अब काम शुरू होने से यह उम्मीद बनी है कि हाईवे अथॉरिटी की ओर से बताए गए समय के भीतर पुल की मरम्मत का काम पूरा होगा और फिर से हाईवे पर यातायात का आवागमन सुगम होगा। वैकल्पिक मार्ग और ओल्ड सांबा कठुआ सड़क की हालत भी पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। इससे वाहन चालकों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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पुल के नजदीक खनन कर पानी का रुख मोड़ने से धंसा था पुल
पुल के धंसने का सबसे बड़ा कारण एक्सप्रेसवे के निर्माण और हाईवे के विस्तारीकरण का काम कर रही कंपनियों द्वारा बरसात से पहले पुल के आसपास किया गया खनन था। पुल के पास खनन कर पूरे नाले के पानी का रुख दो से तीन पिलर की ओर मोड़ दिया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी कंपनियों के अधिकारियों को चेताया था कि बरसात से पहले खनन से पुल को बड़ा नुकसान हो सकता है। लेकिन न तो काम कर रही कंपनियों ने इस बात को गंभीरता से लिया और न ही हाईवे अथॉरिटी ने। इसका नतीजा यह हुआ कि जिन पिलरों की और पानी का बहाव मोड़ा गया था वह धंस गए और हाईवे पूर्ण रूप से बंद हो गया। नाले में पानी के चलते लोगों का पैदल गुजरना तक बंद हो गया और मजबूरन लोगों को 2 किलो मीटर की दूरी तय करने के लिए 20 से 25 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा।
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बड़े माल वाहक अभी भी हिचकोले खाते हुए करते हैं नाले को पार
पुल धंसने के कारण सबसे अधिक परेशानी बड़े मालवाहक चालकों को झेलनी पड़ रही है। ज्यादातर वाहनों को ओल्ड सांबा कठुआ सड़क से भेजा जा रहा है जिसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह बने गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं और इसी के साथ वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। जो वाहन नाले में कच्चे रास्ते से गुजर रहे हैं उनके लिए भी नाले को पार करना आसान नहीं है। हिचकोले खाते हुए वाहन इसे पार करते हैं। जिसकी वजह से हर रोज कोई न कोई वाहन क्षतिग्रस्त होता है। पुल की मरम्मत होने के बाद ही इन वाहन चालकों को राहत मिलेगी इसके लिए अभी इन्हें कुछ महीने और इंतजार करना पड़ेगा।
बरवाल एथलीट क्लब के चेयरमैन रंजीव पठानिया का कहना है कि पुल की रिपेयर का काम शुरू होना केवल कठुआ ही नहीं पूरे जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए हर्ष की बात है। लोगों को इस पुल की सख्त जरूरत थी। मगर, अब निर्माण कंपनी को पुरानी गलती नहीं दोहरानी चाहिए। इस बार ऐसी व्यवस्था की जाए कि बाढ़ का पानी सभी पिलरों के नीचे से बराबर निकले। ताकि, दोबारा पुल क्षतिग्रस्त न हो।
रंजीव पठानिया, चेयरमैन, बरवाल एथलीट क्लब
इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से लोगों का काफी नुकसान हुआ है। बड़े वाहनों का आवाजाही से संपर्क मार्ग खस्ताहाल हो चुके हैं। प्रशासन ने रिपेयर करवाने का फैसला लेने में काफी देर लगा दी। लेकिन, फिर देर आए दुरुस्त आए। पुल की रिपेयर होने से स्थानीय के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर आने वाले हर व्यक्ति को राहत मिलेगी।
अनिल भारद्वाज, निवासी गांव चकड़ा
तीन महीने में उक्त पुल की रिपेयर का काम पूरा किया जाना है। इस पर अनुमानित खर्च 5 करोड़ के करीब आएगा। काम शुरु हो चुका है। निर्माण कंपनी को तय समय सीमा में रिपेयर का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
यशपाल सिंह जादौन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण