संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। अंतरराष्ट्रीय सीमा के अति संवेदनशील इलाके में सांबा रेलवे स्टेशन के निकट सियालदह एक्सप्रेस पर हुए संदिग्ध हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। ट्रेन पर गोली चलाई गई या केवल पथराव हुआ या फिर इसके पीछे किसी बड़ी साजिश के तहत कोई और वारदात हुई... इस सवाल की गहराई तक जाने और साजिशकर्ताओं को दबोचने के लिए मंगलवार को दिनभर सांबा व आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।
सोमवार की आधी रात हुए हमले में जम्मू-सियालदह एक्सप्रेस में इंजन का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना के बाद से ही पुलिस, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया था। चप्पे-चप्पे पर सघन तलाश लगातार जारी है। चूंकि घटनास्थल अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब स्थित है, इसलिए रक्षा सूत्रों और खुफिया एजेंसियों ने इसे महज एक सामान्य पत्थरबाजी की घटना मानने से साफ इन्कार किया है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस वारदात के पीछे कोई गहरी साजिश भी हो सकती है। इसी आशंका के चलते सीमावर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ने वाले सभी संपर्क मार्गों पर कड़ी नाकेबंदी कर दी गई है। हाईवे पर गुजरने वाले हर वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है और घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से सघन पूछताछ कर सुराग जुटाए जा रहे हैं।
मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे एक किलोमीटर के दायरे में पहले से लागू प्रतिबंधों के तहत अब और अधिक कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मंगलवार को एसएसपी सांबा अनुज कुमार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बॉर्डर पुलिस पोस्ट के अधिकारियों और जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए, दिन-रात की गश्त बढ़ाई जाए और नाकों पर वाहनों की जांच में कोई कोताही न बरती जाए।
अब तक सांबा व आसपास के रेलवे स्टेशनों पर हुई प्रमुख घटनाएं
26 अक्टूबर 2003 (शालीमार एक्सप्रेस हमला): सांबा और घगवाल रेलवे स्टेशनों के बीच जतवाल क्षेत्र में शालीमार एक्सप्रेस के गुजरने के दौरान एक बड़ा विस्फोट हुआ। इस घटना में ट्रेन का इंजन और कई डिब्बे पटरी से उतर गए। प्रारंभिक जांच में इसे आतंकवादी साजिश माना गया। गनीमत यह रही कि हादसे में किसी यात्री की जान नहीं गई और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ। जानकारी के अनुसार, आतंकवादियों ने आईईडी विस्फोट के जरिये पटरी उखाड़ने का प्रयास किया था और बाद में डिब्बों पर अंधाधुंध गोलीबारी भी की थी। वारदात के बाद आतंकी करीब 500 मीटर दूर हाईवे पर पहुंचे और एक कार को अगवा कर लिया। उन्होंने कार में सवार तीन लोगों में से दो को गोली मारकर सड़क पर फेंक दिया, जबकि तीसरे व्यक्ति को दियानी गांव के पास कार से बाहर फेंककर फरार हो गए।
वर्ष 2016 (विस्फोटकों के साथ आतंकी ढेर): सीमा सुरक्षा बल ने सांबा सेक्टर में तीन आतंकियों को मार गिराया था। मुठभेड़ के बाद हुई जांच के दौरान आतंकियों के पास से रेलवे ट्रैक को उड़ाने के लिए चेन आईईडी और अन्य भारी विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। सुरक्षा एजेंसियों की समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बहुत बड़ी साजिश नाकाम हो गई और संभावित रेल हादसा टल गया।
2 जनवरी 2023 (मोर्टार शेल बरामद): सांबा रेलवे स्टेशन के निकट कालीबड़ी क्षेत्र में रेलवे लाइन से महज 150 मीटर की दूरी पर एक पुराना मोर्टार शेल बरामद हुआ था। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर जांच की और उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (Defuse) कर दिया, जिससे किसी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।