रामकोट। पंचायत रजवालता में स्थित राजकीय हाई स्कूल अपर रजवालता से दसवीं के बाद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों को दसवीं के बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए 10 से 15 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल नगरोटा गुजरू या राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल रामकोट जाना पड़ता है। इससे काफी परेशानी होती है। स्थानीय निवासी प्रकाश चंद, करनैल सिंह, अजीत सिंह, सतपाल शर्मा, मोहिंदर कुमार, रतन चंद, करतार सिंह, मंगल सिंह, दीवान सिंह और बलदेव सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग से राजकीय हाई स्कूल अपर रजवालता के दर्जे को बढ़ाकर हायर सेकेंडरी स्कूल करने की मांग की है। इस संबंध में जब स्कूल शिक्षा विभाग के ड्यूटी सीईओ बिलावर चमन लाल को फोन किया तो स्विच ऑफ पाया गया।
लड़के और लड़कियों के राजकीय हाई स्कूल अपर रजवालता में मौजूदा समय में कक्षा 1 से 10 तक 53 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां कुल पांच शिक्षक तैनात हैं। राजकीय हाई स्कूल रजवालता के अंतर्गत सात फीडिंग स्कूल आते हैं। इनमें मिडिल स्कूल बुन्धार, प्राइमरी स्कूल त्रोंगल, एनपीएस बांदी, एनपीएस सिंबली, एनपीएस खिम्बली, एनपीएस पंजीरी, एनपीएस चैला शामिल हैं। यहां भी 100 से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जो बाद में अपनी पढ़ाई राजकीय हाई स्कूल रजवालता में करेंगे।
वर्ष 1964 में स्कूल राजकीय प्राइमरी स्कूल के रूप में विकसित हुआ था। इसके 20 वर्ष बाद स्कूल का दर्जा बढ़ाकर वर्ष 1984 में मिडिल किया था। वर्ष 2014 में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसे हाई स्कूल में तब्दील कर दिया गया, लेकिन विभिन्न नजदीकी इलाकों रजवालता, मस्तगढ़, चरोटा, कढू, नवल, सिंबली, रूट खिम्बली, गूड़ा आदि के विद्यार्थी दसवीं करने के बाद 10 से 15 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल नगरोटा गुजरू या राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल रामकोट के इलाकों में जाने को मजबूर हैं। जिससे वह परेशानियों से दोचार होते हैं।
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कोट
स्कूल में बड़ी संख्या में लड़कियां शिक्षा ग्रहण करती हैं। दसवीं करने के बाद कोई विकल्प नहीं होने के चलते वह अपनी उच्च शिक्षा के लिए वंचित रह जाती हैं।
-हरि चंद, निवासी अपर रजवालता।
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दूर दराज के इलाकों में सड़क संपर्क भी ठीक नहीं है। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 15 से 20 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल नगरोटा और रामकोट में जाना पड़ता है। इससे परेशानी होती है।
-ओम दत्त शर्मा, निवासी ननोला
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पिछले कई वर्षों से सरकार से स्कूल के दर्जे को बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं। स्कूल का दर्जा नहीं बढ़ने के कारण स्थानीय विद्यार्थी 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए घंटों पैदल चलने को मजबूर हैं। खासकर लड़कियों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
- सागर सिंह निवासी सिंबली।
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