- भूगोल विभाग के स्नातक व स्नातकोत्तर के 840 विद्यार्थी हो रहे है दरबदर
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। हाल ही संपन्न हुए लोकसभा और विधानसभा के चुनाव के चलते राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ में बनाया गया स्ट्रांग रूम उच्च शिक्षा की राह में रोड़ा बन गया है।
कॉलेज के भूगोल विभाग में बनाए गए ईवीएम स्ट्रांग रूम के कारण 840 स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए पिछले आठ महीने से प्रयोगशाला और विभागीय पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। भूगोल विभाग की विद्यार्थियों के अनुसार बीते मार्च महीने से ही लोकसभा के चुनाव की अधिकारिक सूचना के बाद से भूगोल विभाग की इमारत को ईवीएम स्ट्रांग रूम स्थापित करने के चलते बंद कर दिया था जो विधानसभा चुनाव संपन्न हो जाने के बाद भी बंद पड़ा हुआ है।
इससे न केवल भूगोल विषय के छात्रों की शैक्षणिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है, बल्कि बिना प्रयोगशाला और विभागीय पुस्तकालय का प्रयोग किए बिना उनका दूसरा पूरा और तीसरा आधा सेमेस्टर समाप्त हो चुका है। भूगोल विभाग की एक मंजिला इमारत में स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए छह क्लास रूम की सुविधा उपलब्ध करवाई गई। जिसकी ऊपरी मंजिल में विद्यार्थियों के लिए दो प्रयोगशालाएं और विभागीय पुस्तकालय स्थापित है। इसका इस्तेमाल न तो विद्यार्थी और न ही संकाय सदस्य कर पा रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि हालांकि संकाय सदस्य बिना प्रयोगशाला के ऑनलाइन माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान देने की कोशिश तो की है जो अपर्याप्त साबित हो रही है। भूगोल विभाग में 39 विद्यार्थी स्नातकोत्तर और आठ सौ विद्यार्थी स्नातक कोर्स के लिए विभिन्न सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे हैं।
सेमेस्टर-3 के विद्यार्थियों को उठा पड़ा अधिक नुकसान
संकाय सदस्यों की मानें तो सबसे ज्यादा नुकसान समेस्टर-3 के भूगोल के विद्यार्थियों को हुआ है। रिमोट सेंसिंग और जीआईएस प्रयोगशाला एक ऐसी लैब है जिसका प्रयोग कर सेमेस्टर-3 के विद्यार्थी को व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए किया जाता है। जबकि कार्टोग्राफिक प्रयोगशाला का इस्तेमाल सेमेस्टर-2 के विद्यार्थियों के लिए किया जाता है। दुर्भाग्य से कई सारे विद्यार्थियों बिना प्रयोगशाला इस्तेमाल किए बिना पूरा का पूरा सेमेस्टर ही निकल चुका है।
इसमें कोई शक नहीं है कि पिछले आठ महीनों से ईवीएम स्ट्रांग रूम बनाए जाने से भूगोल विभाग के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। पहले ही जिला प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं। प्रशासन से अनुरोध किया है कि अब चुनाव खत्म हो चुके हैं। जितनी जल्दी हो सके विभाग की इमारत को खाली करवाया जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
सीमा मीर, प्रधानाचार्य राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ।
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राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ को 20 दिन बाद उनके भूगोल विभाग की इमारत सौंप दी जाएगी। 40 दिन तक ईवीएम को रखने का नियम है। ऐसे में ईवीएम को वहीं रखा गया है।
- राकेश मिन्हास, डीसी कठुआ