बस्वाई मोड़ में विभाग के टैंकर से पानी लेने के लिए उमड़े लोग। संवाद
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कठुआ। नियमित किए जाने की मांग को लेकर वीरवार से शुरू हुई जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने हड़ताल 72 घंटे के लिए बढ़ गई है। हड़ताल को देखते हुए की गई व्यवस्था से शहरी इलाके में तो पेयजल आपूर्ति में अब तक व्यवधान नहीं पड़ा है। मगर जिला के ग्रामीण इलाकों में अब पेयजल संकट शुरू होना शुरू हो गया है।
अस्थायी कर्मचारियों की जारी हड़ताल से सबसे अधिक प्रभावित कंडी और पहाड़ी क्षेत्र के गांव हो रहे हैं। इससे निपटने के लिए जल शक्ति विभाग ने भी अपने टैंकरों की सप्लाई को बढ़ा दिया है। रविवार को विभाग के टैंकर ने कंडी क्षेत्र के गांव में पेयजल आपूर्ति की है। लोगों ने बताया कि जल शक्ति विभाग के टैंकर से पानी ले रहे लोगों ने कहा कि यह वैकल्पिक व्यवस्था है, जिसका समाधान नहीं हो सकता। लिहाजा सरकार को भी अस्थायी कर्मचारियों की मांग पर गौर करना चाहिए।
अस्थायी कर्मचारियों के जिला प्रधान गगन दीप सिंह ने कहा कि उनकी हड़ताल अस्थायी कर्मचारियों के प्रति सरकार की लगातार अनदेखी का परिणाम है। इससे आम लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। पहले चरण में शुरू की गई हड़ताल से सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा है। अगर अभी सरकार मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में उनका संघर्ष और भी कोई रूप ले सकता है। संवाद