नियमित किए जाने के साथ अपनी अन्य मांगों को लेकर अस्थायी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गई। वहीं लंबे समय से साफ-सफाई न होने से सड़कों के किनारे कचरे के ढेर लग गए हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले जारी हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जम्मू कश्मीर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, शहर में कचरे के ढेर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान शहर की स्वच्छता को लेकर किए जाने वाले नगर परिषद के दावे भी हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय मजदूर संघ के अशोक कुमार ने बताया कि पिछले कई वर्षों से अस्थायी कर्मी स्थायी करने की मांग को लेकर हड़ताल व आंदोलन कर रहे हैं। हर बार आश्वासन देकर हड़ताल तो खत्म करवा दिया जाता है। महंगाई के दौर में सफाई कर्मचारी अपने परिवार का भरण पोषण कर पाने में अक्षम हो चुके है। वहीं सरकार सुध नहीं ले रही है। उन्होंने उपराज्यपाल से सफाई कर्मचारियों की मांग को जल्द पूरा करने की अपील की।
कोरोना से तो बच गए, गंदगी से नई बीमारी की है आशंका
स्थानीय मदन सिंह ने कहा कि लॉकडाउन का पालन कर शहर के लोग कोरोना की महामारी से तो बच गए हैं, लेकिन हड़ताल से फैली गंदगी से कोई नई बीमारी फैल सकती है। उन्होंने प्रदेश सरकार से सफाई कर्मियों की जायज मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
सर्व धर्म सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा किया कचरा
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बाद बने हालात से निपटने के लिए लोगों ने खुद पहल करना शुरू कर दिया है। सोमवार की सुबह सर्व धर्म सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज रोड पर अभियान चलाकर कचरे को इकट्ठा किया। साथ ही उसे जलाकर परेशानी से निजात दिलाने का प्रयास किया। सफाई अभियान में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे अगर कुछ लोग भी प्रेरित होकर अपने घरों मोहल्लों और गलियों में सफाई का बीड़ा उठा लेते हैं, तो उनका प्रयास सफल हो सकता है।