आखिर कहां जाएं... एक समय था जब गायें घरों की शोभा हुआ करती थीं, लोग उनके मरने तक सेवा करना सा
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हाईवे पर निराश्रित मवेशियों से वाहन चालकों को आ रही दिक्कतें
हीरानगर। हाईवे पर आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। पहले ही हाईवे विस्तारीकरण और एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के चलते हाईवे सिकुड़ चुका है, जिसकी वजह से लोगों को जाम जैसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इन सड़कों पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी और दिक्कतें बढ़ा रही है। हाईवे पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी दिन और रात दोनों समय देखी जा रही है, जो तेज रफ्तार वाहनों के लिए खतरा पैदा कर रही है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने बताया कि कई बार इन मवेशियों के अचानक सड़क पर आने से ब्रेक लगाने या वाहन नियंत्रित करने में देरी हो जाती है जिससे छोटी बड़ी दुर्घटनाएं हो रही है।
शनिवार को वह दयाला चक से हीरानगर की तरफ जा रहे थे तभी मेला मोड़ के नजदीक डिवाइडर पर घास चर रहा एक सांड एकदम से सड़क पर आ गया और उनका ऑटो उससे टकरा गया और क्षतिग्रस्त हो गया। दिन के समय तो फिर भी चालक की सतर्कता हादसे को बचा सकती है, लेकिन रात के समय खतरा बढ़ जाता है।
श्याम शर्मा, ऑटो चालक
हाईवे के विस्तारीकरण और एक्सप्रेस वे के निर्माण के चलते हाईवे पूरी तरह से सिकुड़ चुका है। अकसर हर जगह जाम की परेशानी झेलनी पड़ती है , मगर कुछ जगहों पर आवारा मवेशियों की वजह से जाम और बढ़ जाता है। इस पर प्रशासन को गंभीरता से काम करना चाहिए क्योंकि कभी भी सड़कों पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। मवेशियों के मालिकों को जागरूक किया जाना चाहिए कि वह अपने पशुओं को खुले में न छोड़े।
राकेश कुमार, स्थानीय निवासी