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बड़ा पद मिले तो ईश्वर की कृपा मानकर भलाई के कार्य करें : स्वामी उपमन्यु

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-अति महाविष्णु यज्ञ के आठवें दिन भक्तों ने की यज्ञ मंडप की परिक्रमा, सुने प्रवचन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। जीवन में बड़ा पद या प्रतिष्ठा मिल जाए तो इसे ईश्वर की कृपा मानकर इंसान को भलाई के कार्य करना चाहिए। यदि जीवन में किंचित मात्र भी अभिमान हुआ तो वह पाप का भागीदार बना देता है। यह प्रवचन मांडली गांव में जारी अति महाविष्णु यज्ञ में स्वामी नरेश उपमन्यु महाराज ने किए।
रविवार को आठवें दिन श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की प्रक्रिमा की। दोपहर 1:30 बजे शुरू हुई कथा में स्वामी उपमन्यु ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा बड़े से बड़े पापियों को पाप मुक्त कर देती है। जो व्यक्ति भागवत कथा सुनता है वह सांसारिक दुखों से मुक्त हो जाता है पर अहंकार से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि अहंकार से राजा परीक्षित ने जंगल में साधना कर रहे ऋषि शमीक के गले में मरा हुआ सर्प डाल दिया। परिणाम स्वरूप राजा परीक्षित को एक सप्ताह में मृत्यु का श्राप मिला। जब परीक्षित ने सिर से स्वर्ण मुकुट को उतारा तो उन पर से कलयुग का प्रभाव समाप्त हो गया और उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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स्वामी ने कहा कि जब-जब भगवान के भक्तों पर विपदा आती है तब भगवान उनके कल्याण के लिए खुद आते हैं। राजा परीक्षित को भवसागर से पार लगाने के लिए भगवान शुकदेव के रूप में प्रकट हो गए और श्रीमद् भागवत कथा सुनकर परीक्षित को अपने चरणों में स्थान प्रदान किया। कथावाचक ने महाभारत के प्रसंग भी सुनाए। करण और भगवान कृष्ण के बीच संवाद को बताते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान जब करण की भगवान कृष्ण से चर्चा हुई तो करण ने कहा कि मृत्यु के बाद ऐसी जगह में संस्कार हो जहां आज तक किसी का नहीं हुआ है। भगवान ने कर्ण की मृत्यु के उनका अंतिम संस्कार अपने हाथों से किया।
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यज्ञ का समापन आज, भंडारा भी लगेगा
कथावाचक ने कहा कि नारायण की भक्ति में ही परम आनंद है। उसकी वाणी सागर का मोती बन जाता है। भगवान प्रेम के भूखे हैं। वासनाओं का त्याग करके ही प्रभु से मिलन संभव है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि वासना को वस्त्र की भांति त्याग देना चाहिए। भागवत कथा का जो श्रवण करता है भगवान का आशीर्वाद उस पर बना रहता है। मास्टर बलदेव सिंह, कैप्टन ओम प्रकाश, कैप्टन पवन कुमार और अंग्रेज सिंह ने बताया कि विश्व शांति के लिए यज्ञ आयोजित किया गया है। सोमवार को यज्ञ का समापन होगा। इस अवसर पर भंडारा भी होगा।
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