संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। मढून गांव के जिस घर में दुल्हन के आने के बाद खुशियां होनी चाहिए थीं वहां चीख पुकार की आवाजें गूंजती रहीं। दूल्हे के सगे भाई की मौत की जानकारी मिलते ही दूल्हे के पिता और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
योगेश सिंह की मौत की खबर मिलते ही गांव इलाके में शोक की लहर है। दुल्हन के आगमन पर खुशियों के सपने सजाए परिजन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में खुशियों के बजाय मातम छा गया। स्थानीय निवासी और अन्य रिश्तेदार मृतक योगेश सिंह के परिजन को दिलासा देने के लिए उनके घर आते रहे।
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बुझ गया घर का बड़ा चिराग
इच्छू नाले में आठवीं कक्षा के छात्र वरुण का शव मिलने के बाद ध्यौता गांव में भी मातम छाया है। जैसे ही छात्र की मौत का स्थानीय लोगों को पता चला तो सब की आंखों से आंसू छलक उठे। वरुण ठाकुर सरकारी हाई स्कूल ध्यौता में पढ़ता था। वह पढ़ाई में बड़ा होनहार था। मृतक के पिता चमैल सिंह दिल्ली में अपना निजी कारोबार करते हैं वहीं वरुण की मां निशा देवी प्राइमरी स्कूल सुसेतर में अध्यापिका की सेवाएं दे रही हैं। वरुण की एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है जो हाई स्कूल ध्यौता में ही पढ़ाई करते हैं।
वरुण की मौत की खबर मिलते ही स्कूल के अध्यापकों के साथ-साथ विद्यार्थियों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर एक की जुबान पर एक ही बात थी कि हंसते हुए अपने मामा की बरात में गए वरुण की मौत कैसे हुई। किसने उसे और उसके चाचा व उसके मामा को मार डाला, यह बात उनकी समझ से परे हैं।