- सौ दिन गुजरे लेकिन नहीं बरसे बदरा,
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के दूरदराज इलाकों में सोमवार को जहां हल्की बर्फबारी दर्ज की गई वहीं बनी सब डिवीजन और लोहाई मल्हार के इलाकों में हल्की बारिश की फुहारों से तापमान में भारी गिरावट आई। मौसम के बदले मिजाज के बीच जिले के मैदानी इलाकों में किसान बारिश का इंतजार ही करते रह गए।
कठुआ के मैदानी इलाकों में बारिश हुए सौ दिन से भी ज्यादा हो चुके हैं। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश के आसार नहीं हैं। जिले में कई जगहों पर सूखे जैसे हालात हैं और किसान परेशान हैं। सुबह से छाए घने बादलाें के बीच किसान जिले में भी बारिश की आस लगाए बैठे थे। लेकिन बदरा बरसे ही नहीं। कंडी के इलाकों में समय पर की गई बुवाई 90 फीसदी तक नष्ट हो चुकी है। अब किसान बारिश से खेतों के तर होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि एक बार फिर प्रयास किया जा सके। लेकिन इस बार कुदरत किसानों का साथ नहीं दे रही है। देरी से होने वाली फसलों की बुवाई का समय भी निकल गया है। दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी ने बागवानों को राहत दी है। सर्दी के जोर पकड़ने से ही यहां की बागवानी और खेती निर्भर है।
सोमवार को कठुआ के हिमाचल के चंबा जिले से सटे गढ़ माता मंदिर की पहाड़ी चोटी पर दोपहर तक हल्की बर्फबारी दर्ज की जा चुकी थी। वहीं, छत्रगलां टॉप, कैलाश कुंड, नुकनाली के पहाड़ों और ढ़ग्गर से सटे पहाड़ों पर शाम के समय हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है। जिससे पारे में भारी गिरावट आई है। लोग अलाव सेंकने को मजबूर हो गए हैं।