शहर में बारिश के बीच छाता लेकर सड़क पार करती युवतियां
- अच्छी बारिश हुई तो फसल को संजीवनी मिलेगी, लहसुन व अन्य मौसमी सब्जियों के लिए बारिश लाभदायक
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। 28 दिसंबर से ही जिले में अच्छी बारिश की आस लगाए बैठे किसानों की हसरत पूरी हो गई। मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मंगलवार दोपहर जिले में अचानक आसमान पर काली बदरा छाई और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। वहीं, पहाड़ों पर बर्फबारी होने से ठिठुरन बढ़ गई है।
अच्छी बारिश हुई तो फसल को संजीवनी मिलने की उम्मीद है। मंगलवार को जिले के मैदानी इलाकों में केवल एक एमएम बारिश ही शाम तक दर्ज की गई थी। हालांकि रात के समय और बारिश की संभावना है। लगातार बढ़ रहे तापमान के बीच बारिश किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी। समय से पहले फसल को पकने से रोकने के लिए फरवरी माह में कम तापमान का दबाव बना रहता जरूरी है।
उधर, पहाड़ी इलाकों में लहसुन और अन्य मौसमी सब्जियों के लिए भी बारिश बेहद जरूरी है। बागवानी के लिए भी न्यूनतम चिलिंग हावर्स की बेहद जरूरत होती है। इस बार अच्छी बारिश और बर्फबारी न होने से तापमान में बढ़त होना शुरू हो गई थी। मौसम के इस बदले स्वरूप से बागवान भी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
मंगलवार देर शाम छत्रगलां टॉप से लेकर सरथल, कैलाश कुंड, नुकनाली समेत दूर दराज के इलाकों में बर्फबारी का दौर भी शुरू हो गया। हल्की बर्फबारी के बीच मैदानी इलाकों में सर्द हवाओं ने जोर पकड़ लिया है। लोग एक बार फिर गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हुए।
पहाड़ी इलाकों में लोगों ने दोपहर और शाम के समय अलाव का सहारा लिया। दिन का अधिकतम तापमान जहां 21.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया वहीं बारिश के बाद इसमें भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 11 और 12 फरवरी के बीच मौसम के फिर खराब होने की संभावना है।