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Sarthal Snow Festival: सरथल में पहली बार स्नो फेस्टिवल, बर्फ से लदी वादियों में गूंजे लोकगीत, जमकर झूमे लोग

Mon, 09 Feb 2026 11:56 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ

सार

सरथल में पहली बार आयोजित स्नो फेस्टिवल में बर्फीली वादियों के बीच लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया और करीब 30 हजार लोगों ने इसमें शिरकत की।
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स्नो फेस्टिवल में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं युवतियां। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिंदगी सोहनी एै, शिकवे की करिए, अग्ग लाके टेंशन नू, दुनिया दी सैर करिए... लोक गायक बिशन दास ने सरथल स्नो फेस्टिवल में बर्फ से लदी वादियों में गाना शुरू किया तो माहौल पूरी तरह गरम हो गया। पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग जमकर झूमे और लुत्फ लिया।

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उधर, सोनाली डोगरा ने भी डोगरी से लेकर भद्रवाही लोकगीतों और भजनों के साथ लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया। पहली बार सरथल की वादी में बर्फ से लकदक पहाड़ों में स्नो फेस्टिवल का आयोजन हुआ तो लोगों का उत्साह भी देखते ही बनता था। न सिर्फ बनी, कठुआ बल्कि पंजाब, हिमाचल और विभिन्न जगहों से लगभग तीस हजार लोगों ने स्नो फेस्टिवल में शिरकत की। दिन भर चली मनोरंजक गतिविधियों के बीच पर्यटक न सिर्फ कलाकारों की प्रस्तुति का आनंद लिए, बल्कि बर्फ के गलीचेनुमा मैदानों पर उठखेलियां करते नजर आए। साफ मौसम ने आयोजन पर चार चांद लगा दिए।

सुबह कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक डॉ रामेश्वर सिंह के साथ डीसी कठुआ राजेश शर्मा ने किया। डॉ रामेश्वर सिंह ने कहा कि सरथल में अपार पर्यटन क्षमता है और यह क्षेत्र भविष्य में गुलमर्ग जैसा प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है। उन्होंने प्रशासन की व्यवस्थाओं और कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह उत्सव लंबे समय से लोगों का सपना रहा है।
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जिला उपायुक्त कठुआ राजेश शर्मा ने कहा कि विंटर फेस्टिवल लोगों को उनकी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन भविष्य में भी ऐसे आयोजन करता रहेगा ताकि सरथल घाटी को जम्मू-कश्मीर का प्रमुख शीतकालीन पर्यटन स्थल बनाया जा सके।

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कलाड़ी कुल्चा से लेकर स्थानीय बूटी का साग, ताजी जलेबी और फास्टफूड के स्टॉल बने आकर्षण :
सरथल में स्नो फेस्टिवल के दौरान स्थानीय व्यंजनों ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया। कलाड़ी कुल्चा से लेकर स्थानीय बूटी के साग का आए हुए पर्यटकों और लोगों ने खूब स्वाद लिया। बिलावर से आए एफपीओ ने मेले में कलाड़ी कुल्चा लोगों को उपलब्ध करवाया। वहीं स्थानीय लोगों ने मेले में साग मक्की की रोटी से लेकर फास्ट फूड के भी स्टॉल लगाए।

पहली बार सरथल में भारी बर्फ के बीच पहुंचे पर्यटक चहक उठे :
बानी उपमंडल की सुरम्य सरथल घाटी में इस बार पहली बार भारी बर्फ से लदी वादी के बीच पहुंचे पर्यटक खुशी से झूम उठे। बर्फ से ढकी वादियों और सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों ने आगंतुकों का मन मोह लिया। सरथल में आयोजित विंटर फेस्टिवल के दौरान जब पर्यटक बर्फीली वादियों में पहुंचे तो उनके चेहरे पर उत्साह और उमंग साफ झलक रही थी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने बर्फ का आनंद लिया और यादगार पल कैमरों में कैद किए। पर्यटकों ने कहा कि सारथल की प्राकृतिक सुंदरता और बर्फ से ढकी घाटी का नजारा उन्हें किसी स्वर्ग से कम नहीं लगा।

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