अध्यापकों की कमी से विद्यार्थियों की संख्या घटकर रह गई 170
15 साल पहले सरकार ने मिडिल स्कूल का दर्जा बढ़ाकर हाई स्कूल किया
बिलावर। हाई स्कूल ध्यौता में स्वीकृत 16 में से मास्टर ग्रेड के दो और अध्यापकों के चार पद खाली हैं। इस कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अध्यापकों की कमी से छात्रों की संख्या 200 से घटकर 170 रह गई है।
स्थानीय निवासी देशराज, जोधाराम, जोगिंदर शर्मा, श्यामलाल और अन्य अभिभावकों ने बताया कि मौजूदा समय में स्कूल में केवल एक हेड मास्टर, दो मास्टर ग्रेड और एक शिक्षक ही तैनात हैं। पिछले कई सालों से स्कूल में मास्टर ग्रेड के दो और चार अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं, जिन्हें सरकार ने आज तक नहीं भरा। उन्होंने कहा कि लगभग 15 साल पहले सरकार ने मिडिल स्कूल का दर्जा बढ़ाकर हाई स्कूल किया था, लेकिन आज तक सभी पदों को कभी नहीं भरा। लोगों ने बताया कि दूरदराज क्षेत्र के विद्यार्थियों की पढ़ाई स्टाफ की कमी के कारण प्रभावित हो रही है। केवल पांच शिक्षकों और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे पिछले कई वर्षों से स्कूल चल रहा है। इस संदर्भ में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ इलाके के जन प्रतिनिधियों से भी स्कूल में रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग कर चुके हैं। लोगों ने कहा कि तीन साल पहले स्कूल में लगभग 200 विद्यार्थी पढ़ाई करते थे, लेकिन अध्यापकों की कमी की वजह से विद्यार्थियों की संख्या घटकर 170 रह गई है। अगर सरकार ने खाली पड़े पदों को नहीं भरा तो आने वाले दिनों में स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या और कम हो जाएगी। लोगों ने गवर्नमेंट हाई ध्यौता में खाली पड़े सभी पदों को जल्द भरने की मांग की है। संवाद
कोट
समस्या संज्ञान में है। जल्द स्कूल में दो अध्यापकों को नियुक्त किया जाएगा।
- चमन लाल, डिप्टी सीईओ बिलावर