नगरी के बालासुंदरी मंदिर में महानवमी पर उमड़े भक्तसंवाद
कंजक पूजन और साख विसर्जन के साथ नौ दिनों तक चलने वाला शारदीय नवरात्र का पर्व संपन्न हो गया। बुधवार को श्रद्धालुओं ने सुबह से ही बहती जलधराओं में पवित्र साख का विसर्जन किया और उसके बाद विधिविधान से कंजक पूजन किया। वहीं नगरी स्थित बालासुंदरी मंदिर में सामूहिक हवन कर विश्व शांति की कामना की गई।
शहर के मध्य बहने वाली नहर और प्राचीन बावलियों पर सुबह से ही साख का विसर्जन करने वालों का तांता लगा रहा। वहीं, मुख्य बाजार स्थित माता आशापूर्णी के दरबार में भी काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंच कर पूजा अर्चना की।
वहीं, शहर के विभिन्न मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने कंजक पूजन कर हलवा, पूड़ी और चने का प्रसाद बांटा। नवरात्र पर्व के अंतिम दिन भी मंदिरों में हजारों की संख्या में भक्तों ने माता रानी के दर्शन किए। इस दौरान नगरी स्थित माता बाला सुंदरी में मंदिर कमेटी सदस्यों द्वारा हर नवरात्र की तरह ही हवन का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी हिस्सा लिया। माता बाला सुंदरी मंदिर में अंतिम नवरात्र में विशाल हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ में स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के लोगों ने भी हिस्सा लिया।