कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने नौ साल पुराने लापरवाही व बिना लाइसेंस वाहन चलाने के मामले में दोषी को सजा सुनाई है। इस हादसे में आठ साल के बच्चे की मौत हो गई थी। आदेश के अनुसार दोषी को लापरवाही से वाहन चलाने के लिए एक हजार रुपये का जुर्माना और जुर्माना अदा न करने पर एक महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा होगी।
वहीं, बच्चे की मौत के मामले में आरपीसी की धार 304-ए के दो साल का साधारण कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसमें 50 फीसदी राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी और जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा दोषी को बिना लाइसेंस वाहन चलाने के मामले में 500 रुपये का जुर्माना अदा करना होगा और जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामला वर्ष 2014 का है। इसमें आरोपी विक्रम चंद पुत्र सागर चंद निवासी धनोह हीरानगर ने 31 अक्तूबर 2014 सुबह आठ बजे धलोटी तालाब के पास वाहन को पीछे करते समय आठ साल का बच्चा वाहन के नीचे आ गया था। इसमें घायल को गंभीर चोटें आई थी और उसकी हीरानगर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद आरोपी के खिलाफ आरपीसी धारा 279/337 के तहत मामला दर्ज जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद और घायल की मौत के बाद आरोपी के खिलाफ आरपीसी की धारा 304-ए सहित वाहन को बिना लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र नहीं पाए जाने के चलते एमबी एक्ट की धारा 3/181, 66/192 के तहत अपराध को जोड़ दिया था।
18 अप्रैल 2015 को आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर न्यायालय की कार्रवाई शुरू की गई। मामले में आरोपी को आरोप को पढ़कर सुनाया गया और अभियुक्त को समझाया गया।