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Kathua News: वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे चरण से बदलने जा रही कठुआ के छह सीमावर्ती गांव की तस्वीर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कठुआ। भारत पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय सीमा से सटे छह गांव की तस्वीर बीएडीपी के बाद अब वाइब्रेंट विलेज से बदलने जा रही है। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे छह गांवों को केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे चरण में शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में विकास ढांचे को मजबूत करना और सभी कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है।
वीरवार को इन्हीं गांव में इस कार्यक्रम को शुरू करवाने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पहुंचे रहे हैं जिसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंगलवार को डीसी कठुआ और एसएसपी ने उपराज्यपाल के समारोह स्थल का निरीक्षण किया। वहीं विभिन्न विभागों और नोडल अधिकारियों को भी कार्यक्रम के आयोजन को लेकर तैयारियाें की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
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इनसेट
बाॅबिया सहित कई गांव किए हैं शामिल
चिन्हित गांवों में बॉबिया, कडियाला, गजनाल, करोल कृष्णा, रठुआ और गुज्जर चक शामिल हैं। ये गांव अपनी भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा चुनौतियों के कारण लंबे समय से विकास संबंधी कठिनाइयों का सामना करते रहे हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत इन क्षेत्रों में सड़क संपर्क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाएं और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, योजना का मुख्य फोकस सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना है, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी अपवाद के पहुंच सके। आवास, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका समर्थन से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए समुदाय की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया गया है। इस योजना के तहत सीमा गांवों का समग्र विकास, सड़क संपर्क, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, पलायन रोकने के लिए बेहतर जीवन-स्थितियां और बुनियादी सेवाओं की उपलब्धता और समान अवसर उपलब्ध करवाना है।
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कठुआ के इन गांवों को शामिल कर सीमा विकास को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा गया है। विकसित गांव न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर जीवन देंगे बल्कि रक्षा ढांचे और निगरानी प्रणाली को भी मजबूत करेंगे।
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