ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार की राह दिखा रहा नारी शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह
कठुआ। कभी घर के चूल्हे-चौके तक सीमित रहने वाली मेरथा गांव महिलाएं अब स्वरोजागर अपनाकर अपने जीवन को बदलने के साथ-साथ महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से इस बदलाव में गांव की महिलाएं अलग-अलग प्रकार के अचार का उत्पादन कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर रही है। इनमें सबसे अधिक लाभ लहसुन के अचार और बड़ी के विक्रय से हुआ।
इस बारे में समूह की मुखिया नीलम देवी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की कृषक परिवारों से आने वाली महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से नारी शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह साल 2017 में गठित हुआ था। इसमें कुल 10 महिलाएं सक्रिय हैं। समूह की महिलाओं ने मशरूम उत्पादन, अचार निर्माण, सब्जी की खेती, जैविक कृषि और बाजार की मांग के अनुरूप विभिन्न उत्पादों में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इनके प्रयासों से न केवल परिवार की आय में वृद्धि हुई, बल्कि जम्मू शहर के बाजारों से जुड़कर उनके उत्पादों की बेहतर बिक्री भी सुनिश्चित की गई।
समूह के साथ जुड़ी महिलाएं आमचूर, आम का अचार, सब्जियों का अचार, लहसुन का अचार, कसरोड़ का अचार, दालिया, तरकीरा और बड़ी का निर्माण कर अच्छा लाभ अर्जित कर रही हैं। आगे की योजना में अधिक महिलाओं को जोड़कर समूह का विस्तार, महिला एफपीओ का गठन, मशीनयुक्त अचार एवं मसाला निर्माण इकाई की स्थापना और एक स्वतंत्र ब्रांड की पहचान विकसित करना शामिल है। नीलम देवी ने बताया कि उनके इस कार्य में कृषि उत्पादन एवं कृषक कल्याण विभाग समूह को निरंतर सहायता प्रदान कर रहा है।