लगभग छह महीने बाद उधमपुर और कठुआ के सीमावर्ती पहाड़ी दुर्गम क्षेत्रों में गोलियों की आवाजें एक बार फिर गूंजने लगी हैं। उधमपुर के सोहन इलाके में सुरक्षाबलों ने जहां संयुक्त ऑपरेशन चलाकर आतंकियों को ढेर किया है, वहीं कठुआ जिले की ओर से भी सुरक्षाबलों ने अभियान छेड़ दिया है। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने एक बार फिर आतंकियों की घुसपैठ से लेकर उनके ठिकानों और घाटी को जाने के लिए अपनाए जाने वाले रूट का कोड डिकोड कर लिया है।
वीरवार को तड़के चले ऑपरेशन में आतंकियों को ढेर करने के बाद सुबह बिलावर पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आने वाले गोडू फलाल, पडेतर, नगैन, खटियाल और इसके आसपास के जंगली इलाकों में तलाशी शुरू की गई। इस संयुक्त अभियान में एसओजी, बिलावर पुलिस के अलावा सीआरपीएफ, सेना और पैरा कमांडो भी शामिल हो गए हैं। उधर, सुरक्षाबलों ने दोपहर के समय सदरोता, सारला, जुनाना के आसपास के दुर्गम क्षेत्रों की ओर घेराबंदी आगे बढ़ाई। सेना के पैरा कमांडो भी इस क्षेत्र को खंगाल रहे हैं।
खुफिया सूत्रों के अनुसार इसी तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को चट्टानों और पत्थरों पर खून के ताजा धब्बे मिलने की जानकारी भी सामने आ रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। खून के इन निशानों ने सुरक्षा बलों को और भी आतंकियों के आसपास के इलाके में छिपे होने की आशंका है। ऐसे में जंगल के चप्पे चप्पे को खंगाला जा रहा है।