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Kathua News: कृषि वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को बताए प्लास्टिक के नुकसान

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-कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ ने मनाया पृथ्वी दिवस
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संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से सोमवार को कार्यालय परिसर में स्कॉस्ट जम्मू के कुलपति डॉ. बीएन त्रिपाठी, निदेशक एक्सटेंशन डॉ. अमरीश वैद के निर्देश पर पृथ्वी दिवस मनाया। कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्थन प्रदर्शित करने के लिए उक्त दिवस मनाया गया।
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बताया कि पहली बार 22 अप्रैल 1970 को यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लेकिन मौजूदा समय में 193 से अधिक देशों के 1 अरब लोग इस मुहिम से जुड़ चुके हैं हैं। इस वर्ष 2024 की आधिकारिक थीम ग्रह बनाम प्लास्टिक है। दिनभर चले कार्यक्रम में इंडियन पब्लिक स्कूल के 115 से अधिक छात्रों ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की। प्रतिभागियों ने प्लास्टिक के व्यापक उपयोग को समाप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिसका लक्ष्य मानव और ग्रह स्वास्थ्य दोनों की सुरक्षा के लिए 2040 तक उत्पादन में 60 फीसदी की कटौती करना था। शुरुआत में डॉ. विशाल महाजन ने प्रिंसिपल श्रुति उजला, शिक्षकों और छात्रों का स्वागत किया। इसके अलावा उन्होंने अपने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन में अपशिष्ट पदार्थों के पुनर्चक्रण और प्लास्टिक की बोतलों की मदद से इको-ब्रिक्स के निर्माण के बारे में जानकारी दी। बताया कि इकोब्रिक एक प्लास्टिक की बोतल होती है। इसे इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक से अच्छी तरह पैक किया जाता है। ताकि एक पुन: प्रयोज्य बिल्डिंग ब्लॉक बनाया जा सके। उन्होंने स्वस्थ कल के लिए स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखने के महत्व पर ध्यान केंद्रित करने के साधन भी बताए और प्रदूषण को नियंत्रित करने से लेकर पर्यावरणीय मुद्दों को नियंत्रण में रखने पर जोर दिया। डॉ. अनामिका जम्वाल मुख्य वैज्ञानिक (पौधा संरक्षण) ने उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषि में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के फसल पैटर्न पर चर्चा की। डॉ. बर्जेश अजरावत, वरिष्ठ वैज्ञानिक (कृषि विस्तार) ने कृषक समुदाय के कल्याण के लिए कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ द्वारा की गई विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने टिकाऊ पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए पेड़ लगाने के महत्व पर भी जोर दिया। डॉ. विशाल शर्मा वैज्ञानिक (कृषि विज्ञान) ने छात्रों को विभिन्न फसलों में बीज प्रसंस्करण तकनीकों के बारे में जानकारी दी। वहीं, छात्रों ने एजोला यूनिट, मशरूम यूनिट, वैल्यू एडिशन यूनिट, एपियरी यूनिट और स्वचालित मौसम स्टेशन यूनिट जैसी विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों का भी दौरा किया। प्रिंसिपल श्रुति उजला ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए केवीके, कठुआ के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्पादन और सुरक्षा प्रौद्योगिकियों के संबंध में छात्रों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के वैज्ञानिकों द्वारा संतोषजनक उत्तर दिया गया। कार्यक्रम का समापन डॉ. बर्जेश अजरावत के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
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