कठुआ। भारत का स्वतंत्रता संग्राम और सरदार उधम सिंह विषय पर राजकीय डिग्री कॉलेज में ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कॉलेज के इतिहास विभाग की ओर से आयोजित संगोष्ठी में बीस प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. सुमनेश जसरोटिया ने सरदार उधम सिंह के जीवन इतिहास पर प्रकाश डालते हुए उन्हें एक महान स्वतंत्रता सेनानी बताया।
उन्होंने कहा कि जलिया वाला बाग हत्याकांड ने इस स्वतंत्रता सेनानी का जीवन पूरी तरह से बदल दिया। उन्होंने जलिया वाला बाग में भारतीयों की हत्या के लिए जिम्मेदार जनरल डायर को सबक सिखाने की शपथ ली थी। वहीं, वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. राकेश सिंह ने सरदार उधम सिंह के द्वारा मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने को महान बलिदान बताया। कार्यक्रम के दौरान इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मनमोहन सिंह ने बताया कि आज के ही दिन गदर पार्टी के स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह को पंजाब के पूर्व उपराज्यपाल माइकल ओ डायर की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद वर्ष 1940 को फांसी पर लटका दिया गया था। इन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को देशवासी नहीं भूल सकते। हम सभी को एकजुट रहना चाहिए और मातृभूमि के लिए समर्पण, भक्ति और ईमानदारी के साथ काम करना चाहिए। संगोष्ठी में रागिनी शर्मा, अर्पिता अंदोत्रा, राघवी को क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय घोषित किया गया। जबकि वंशिका शर्मा और सौरभ शर्मा को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पंजाबी विभाग के प्रमुख डॉ कमलदीप सिंह, उर्दू विभाग के प्रमुख डॉ शमशेर सिंह और हिंदी विभाग से डॉ. ईशा वर्मा ने किया।