संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर अस्थायी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को 13वें दिन भी जारी रही। नगर परिषद कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि सोमवार को श्रीनगर में होने वाली बैठक में उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यूनियन के प्रधान शाका शुभ ने कहा कि इससे पहले भी 26 दिन की हड़ताल हो चुकी है, लेकिन सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कई बार आश्वासन देकर कर्मचारियों को निराश किया है। उनका कहना था कि सफाई कर्मचारी करीब नौ हजार रुपये मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं, जबकि उन्हें नियमित करने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि केवल सफाई कर्मचारी ही नहीं, बल्कि आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कर्मी और अन्य दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। यदि इस बार भी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और कड़ा किया जाएगा।
यूनियन उप प्रधान विलीयम मसीह ने कहा कि हड़ताल के बावजूद रक्षाबंधन के अवसर पर कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों और बाजारों में सफाई कर भाईचारे की मिसाल पेश की। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी लड़ाई आम जनता से नहीं, बल्कि सरकार से है। इसलिए जन्माष्टमी, ईद, दशहरा या किसी धार्मिक यात्रा के दौरान भी जरूरत पड़ने पर सफाई का काम किया जाएगा। सोमवार को श्रीनगर में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के सलाहकार के साथ बैठक प्रस्तावित है। जिसमें जम्मू-कश्मीर की विभिन्न नगर समितियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।