शहर में बढ़ा कचरे का अंबार, लोगों ने जताई बीमारी फैलने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। नियमितीकरण की मांग को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को 11वें दिन भी जारी रही। लगातार सफाई कार्य ठप रहने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और विभिन्न वार्डों, बाजारों तथा सार्वजनिक स्थलों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं। भीषण गर्मी के बीच उठ रही दुर्गंध से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि नागरिकों ने आशंका जताई कि सड़कों और गलियों में फैला सैकड़ों टन कचरा संक्रामक बीमारियां फैला सकता है।
अपनी मांगों को लेकर अडिग सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों का कहना था कि यह केवल उनकी उपेक्षा नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों की भी अनदेखी है, जिन्हें हड़ताल के कारण दूषित वातावरण में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान शाका शुभ ने सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय बलपूर्वक सफाई करवाने और विरोध करने वाले कर्मचारियों की गिरफ्तारी का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस बार सफाई कर्मचारी अपना अधिकार प्राप्त किए बिना हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। इसके जानकारी दी कि सोमवार को विभिन्न समितियों के सफाई कर्मचारी लखनपुर प्रवेशद्वार पर एकत्र होंगे, जहां आगे की रणनीति तय की जाएगी और सरकार को अपना जवाब दिया जाएगा।
समर्थन में उतरे पूर्व प्रधान नरेश शर्मा
सफाई कर्मचारियों को विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। शुक्रवार को कठुआ नगर परिषद के पूर्व प्रधान एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नरेश शर्मा धरनास्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर मंत्री और अधिकारी सरकारी खर्च पर सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर पूरे महीने मेहनत करने वाले सफाई कर्मचारियों को परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बेहद कम वेतन दिया जा रहा है।