भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। हीरानगर सब डिवीजन के सीमावर्ती गांवों में मंगलवार को पाकिस्तान ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
पहले गोलाबारी हुई जिसके बाद मोर्टार दागे जाने लगे। पहले से हालात बिगड़ने की आशंकाआें को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के इंतजाम पूरे कर लिए थे।
लिहाजा रात को फायरिंग शुरू होते ही ग्रामीणों का पलायन शुरू हो गया। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे रठुआ, पानसर, मनियारी, पहाड़पुर सहित कई अन्य गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की कवायद देर रात तक जारी थी।
इससे पूर्व मंगलवार दोपहर को एसडीएम और तहसीलदार हीरानगर ने सीमावर्ती गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की जानकारी दी।
लोगाें को बाकायदा बताया गया कि हालात बिगड़ने की सूरत में वह कौन सी जगह पनाह लें। दोपहर तक हालात ठीक थे लेकिन रात होते ही फायरिंग और उसके बाद बड़े बड़े धमाकों का सिलसिला शुरू हो गया।
इसे देखते हुए ग्रामीणों ने पलायन की कवायद शुरू कर दी। देर रात तक कई गांवों से लोग अपने परिवार सहित सुरक्षित स्थानों की तरफ कूच कर गए।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि अरनिया के हालात देखते हुए कठुआ जिले से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा भी संवेदनशील मानी जा रही है।
कुछ महीनों पूर्व ही प्रशासन ने ऐसी इमारतों और स्थानों का निरीक्षण किया था जहां पर आपात स्थिति के दौरान लोगाें को ठहराया जा सकता है। मंगलवार को हालात बिगड़ते ही इस योजना पर अमल शुरू हो गया है।