दो सप्ताह से चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा सप्ताह का धरातल पर नहीं दिख रहा असर
सड़क किनारे खड़े चौपहिया वाहन, अभियान को मुंह चिढ़ा रहे यात्री वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ।सड़क सुरक्षा माह के तहत जिले में परिवहन विभाग की ओर से जगह-जगह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, ताकि व्यवस्था में सुधार हो। मगर, कार्रवाई सिर्फ जागरूकता कार्यक्रम और वाहनों के चालान काटने तक ही सीमित है। इस बीच नियमों को अनदेखी करने वालों पर अब भी कोई असर होता दिखाई नहीं दे रहा है।
शहर की मुख्य सड़कों के किनारे निजी वाहनों की कतारें अभी भी लगी हैं और यात्री वाहन चालक भी बीच सड़क पर बसों, मिनी बसों को रोक कर सवारियों को उतार और चढ़ा रहे हैं। शहर में मुखर्जी चौक को आने वाले रास्ते पर पुलिस द्वारा वन-वे ट्रैफिक बनाकर इस रूट पर शहीदी चौक से आने वाले वाहनों के लिए नो एंट्री का बोर्ड लगाया गया है। लेकिन उसके बावजूद वहां से वाहन गुजरते दिखते हैं। इसी तरह सड़कों के किनारे लगने वाले वाहनों जो मुख्य मार्ग को संकरा कर देते हैं। उनको हटाने के लिए कोई प्रयास अभी तक नहीं किया जा रहा। बता दें, 15 जनवरी से शुरु हुआ अभियान 14 फरवरी तक चलेगा।
मुखर्जी चौक, कालीबड़ी में सड़क के बीच गाड़ी रोक सवारी बिठाते हैं यात्री वाहन : बता दें कि शहर का सबसे व्यस्त मुखर्जी चौक में मिनी बस चालक बसों को सड़क के बीच खड़ा कर सवारियां बिठाते हैं। ऐसे ही हालात शहर के कालीबड़ी चौक में हैं। कठुआ-जम्मू रूट और शहर के भीतर चलने वाली मिनी बसें सड़क के बीचों बीच खड़ी रहती हैं। अचानक इन बड़े वाहनों के सड़क के बीचोबीच खड़े होने से हादसे की आशंका रहती है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को अव्यवस्थित करने में ई-रिक्शा का भी अहम रोल है। शहर के कालीबड़ी, मुखर्जी चौक, कॉलेज रोड, शहीदी चौक में सड़क के बीच सवारियों को बिठाने और उतारने के लिए ई-रिक्शा चालकों की होड़ शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बदहाल बनाने में बड़ा योगदान दे रही है।
पुलिस और परिवहन विभाग की कार्रवाई सिर्फ दोपहिया वाहन चालकों के चालान काटने तक कार्रवाई रह गई है। कोई सुधार नहीं है। लोगों को अभियान में शामिल किए बिना उसे कामयाब नहीं बनाया जा सकता। पुलिस के सामने ही चार पहिया वाहन चालक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गुजर जाते हैं। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। ऐसे में लगता है कि पुलिस सिर्फ दो पहिया वाहन चालकों को परेशान कर राजस्व वसूल करने के काम में ही लगी हुई है। लेकिन इन पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
-सुखदेव सिंह, शहरवासी
ट्रैफिक माह के समय ट्रैफिक से जुड़ी एजेंसियां परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस काम पर लगती हैं। इससे पहले या बाद में कोई विभाग कोई पूछने वाला नहीं होता। डीसी ऑफिस, जेएंडके बैंक पटेल नगर, बिड़ला पार्क के बाहर अवैध पार्किंग पर कोई ध्यान नहीं देता। शहर के भीतरी इलाके हो या नेशनल हाइवे, हादसों में कई लोग जान गवां रहे हैं। बिना लाइसेंस के ऑटो, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन चलते हैं कोई देखने वाला नहीं है। सच तो यह है कि कागजों में अभियान चलाने वाले धरातल पर उसे लागू करने में नाकाम रहे हैं।
-अनिल भारद्वाज, शहरवासी
शहर में लगातार जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उल्लंघन करने वालों के चालान काटे जा रहे हैं। मुखर्जी चौक, गुरुद्वारा साहिब के सामने और कालीबड़ी में ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी करते हैं। समय-समय पर परिवहन विभाग भी कार्रवाई करता है। 14 फरवरी तक जागरुकता फैलाई जाएगी। ताकि, हादसों को कम किया जा सके और शहर का ट्रैफिक भी सुधारा जा सके। -सुनील कुमार, आरटीओ
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ की कार्रवाई
बिलावर। उपमंडल की अलग-अलग सड़कों पर सोमवार को यातायात विभाग ने नाके लगाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। ट्रैफिक पुलिस के सेक्टर अधिकारी कृपाल सिंह के नेतृत्व में यातायात विभाग की टीम ने धार डूगनू सड़क, कटली सड़क, बिलावर सड़क, डडवाडा और अन्य कई लिंक मार्गो पर दोपहिया वाहन चालकों और चोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट ना पहनने के लिए ई-चालान किए। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज न होने पर किशनपुर डूंगाडा रूट पर चलने वाली मिनी बस को सीज भी किया गया। यातायात विभाग ने 18 अलग-अलग किस्म के वाहनों के ई-चालान काटे। सेक्टर अधिकारी ने वाहन चालकों को हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद