छप्पड़ मोड़ में हाइवे पर फंसी कार। - संवाद।
- छप्पड़ मोड़ में गड्ढे में वाहन फंसने ले लगा तीन घंटे जाम, ओल्ड सांबा कठुआ रूट पर परिवर्तित किया गया यातायात
- तरनाह में बने नए पुल पर भी भरे पानी से भी बिगड़ा कई वाहनों का संतुलन
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तारीकरण और एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य के चलते हाईवे के रखरखाव के लिए यहां काम कर रही कंपनियां कितना गंभीर हैं, इसकी इस सीजन की पहली बड़ी बारिश ने पोल खोल दी। हाईवे का ट्रैफिक परिवर्तित मार्गों पर चलाया जा रहा है, लेकिन उसकी हालत बदतर होने के कारण खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा।
बारिश के बाद परिवर्तित मार्गों पर यहां काम करने वाली कंपनियों की ओर से की गई लीपापोती कुछ ही घंटे में गायब हो गई और बड़े-बड़े गड्ढों ने मुंह खोल लिया। जिससे हाईवे समझकर इन सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को न सिर्फ जाम की समस्या का सामना करना पड़ा बल्कि वाहनों का नुकसान भी झेलना पड़ा। छप्पड़ मोड़ में परिवर्तित मार्ग पर बने गड्ढों पर लीपापोती की गई। लेकिन कुछ घंटे हुई बारिश ने इसे साफ कर दिया। गड्ढों में वाहन फंसने की वजह से शुक्रवार सुबह करीब तीन घंटे तक लंबा जाम रहा।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार यहां बने गड्ढों में वाहन गिरने की वजह से करीब दो दर्जन छोटे वाहनों के टायरों को नुकसान पहुंचा और यहां से छोटे वाहनों की आवजाही बंद हो गई। जिसके बाद हाईवे का यातायात लौंडी मोड़ से ओल्ड सांबा कठुआ रोड से चड़वाल डायवर्ट करना पड़ा। यहां फंसे वाहनो को निकालने के बाद एक बार फिर यहां काम कर रही कंपनी ने लीपापोती का काम किया और गड्ढों को कंक्रीट से भरा। कुछ समय वाहनों की आवाजाही के बाद ही फिर से गड्ढे पड़ गए।
वहीं, चड़वाल में भी एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य के चलते हाईवे की सड़क पर पानी की निकासी न होने के कारण सड़क पर पानी तालाब की तरह भर गया। यहां बड़े वाहन तो पानी से धीरे-धीरे गुजर गए लेकिन छोटे वाहनों को पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य और हाईवे का विस्तारीकरण कर रही कंपनियां द्वारा हाईवे को चलाने के लिए किए गए अस्थायी इंतजामों पर स्थानीय लोगों ने भारी रोष जताया।