हीरानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सटे जीरो लाइन पर बसे 22 गांवों को जोड़ने वाली सड़क पर तीन दशकों के बाद विस्तारीकरण के बाद तारकोल बिछाने का काम बुधवार को शुरू हो गया।
लड़वाल से छन्न लाल दीन 14 किलोमीटर लंबी इस सड़क के बनने से न सिर्फ सीमावर्ती लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी, बल्कि इस इलाके की खूबसूरती को भी चार चांद लगेंगे। तारकोल बिछाने का काम शुरू होने पर जायजा लेने पहुंचे डीडीसी कर्ण अत्री ने बताया कि लड़वाल से छन्न लाल दीन तक 14 किलोमीटर बनने वाली सड़क पर 42 करोड रुपये खर्च होंगे। तीन दशकों से सीमावर्ती लोग इस सुविधा का इंतजार कर रहे थे। अब इस सड़क के बनने से न सिर्फ यहां के स्थानीय लोगों को फायदा होगा, बल्कि भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर डटे बीएसएफ के जवानों को भी सहूलित मिलेगी। 22 सीमावर्ती गांव से होकर गुजरने वाली यह सड़क यहां के लोगों के लिए सुविधा तो है ही। इससे पूरे इलाके की सूरत बदलेगी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस मौके पर उनके साथ बलविंदर वर्मा भी मौजूद रहे।