संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेहताशा दौड़ रही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चलते आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। मंगलवार सुबह हटली मोड़ के पास पराली से लदा ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईवे के बीचों बीच पलट गई। हालांकि, बड़ा बचाव हो गया। किसी को कोई चोट नहीं आई है। लेकिन, हाईवे के बीचों बीच ट्रॉली पलट जाने से करीब 3 घंटे यातायात प्रभावित रहा। गत दिवस पल्ली मोड़ पर ट्रॉली के दुर्घटनाग्रस्त होने से 16 मजदूर घायल हो गए थे।
हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिनाब टेक्सटाइल मिल के गेट नंबर 7 के पास हुआ। पड़ोसी राज्य पंजाब से दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पराली लोड कर कठुआ की ओर जा रही थीं। इसी बीच पीछे से आ रही दूसरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने अगली ट्रॉली को टक्कर मार दी। इससे आगे चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। ट्रैक्टर हाईवे पर बने डिवाइडर पर जा चढ़ा। जबकि, ट्रॉली हाईवे के ऊपर पलट गई। इससे सारी परली हाईवे पर बिखर गई, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन मंगवाकर ट्रॉली को वहां से हटाया। लेकिन, करीब 3 घंटे तक लोगों को परेशान होना पड़ा। सभी वाहनों को एक ही लेन से गुजरना पड़ा।
सरेआम दौड़ रहे ओवरलोड वाहन
जिले में ओवरलोड वाहन बेखौफ दौड़ रहे हैं। यह हादसों का कारण बन रहे हैं, जिससे लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार विभाग बेफिक्र हैं। शहरवासी सुनील कुमार ने बताया कि ओवरलोड वाहन नियम ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। पंजाब से आने वाली ट्रॉलियां नियमों को ताक पर रखकर इतनी बड़ी बनाई जाती हैं कि एक ट्रक से ज्यादा पराली लोड हो जाती है। विशेष रूप से बनाई इन ट्रॉलियों में माल तो लोड हो जाता है, लेकिन दुर्घटना की आशंका रहती है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को इतना ओवरलोड किया होता है कि दूसरे वाहन के निकलने की भी जगह नहीं बचती है। प्रशासन को ओवरलोडिंग पर नकेल कसनी चाहिए।
वहीं, डीटीआई, कठुआ बिक्रम कुमार ने कहा कि ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करते हैं। इसी महीने 15 वाहनों के चालान किए हैं। लेकिन, कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तड़के निकल जाती हैं। इसके चलते कई बार कार्रवाई नहीं हो पाती है।