भाजपा में बगावत के सुर खुले विद्रोह में तब्दील हो गए हैं। जिला अध्यक्ष को छोड़कर पार्टी के अधिकतर पदाधिकारियों ने पार्टी कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
टिकट आवंटन में पैसों के लेन-देन का आरोप लगाते हुए गुस्साए कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय पर ताला जड़ दिया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि गैर स्थानीय नेता को कठुआ पर थोपने का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो पूरी जिला इकाई पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ खड़ी हो जाएगी।
भाजपा नेता जनक भारती ने कहा कि कठुआ विधानसभा क्षेत्र के टिकट का सौदा किया गया है। उन्होंने कहा कि कठुआ की जनता और पार्टी कैडर किसी भी सूरत में इस सौदेबाजी को सहन नहीं करेगा।
प्रेमनाथ डोगरा, रघुनंदन सिंह, पृथीपाल सिंह, गोपाल महाजन, हरीशचंद्र चिंगारी आदि अन्य वक्ताओं ने कहा कि जिला मुख्यालय में कार्यकर्ता दशकों से पार्टी के लिए खून पसीना एक करते आ रहे हैं।
जनता से जुड़े होने के बावजूद पार्टी ने विवादित और गैर स्थानीय उम्मीदवार को टिकट दिया है जिससे न सिर्फ पार्टी कैडर बल्कि आम जनता में भी रोष है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिस कार्यालय में आकर वह पार्टी का झंडा लेकर संघर्ष तेज करने की रणनीति बनाते थे आज उसी कार्यालय पर रोष स्वरूप ताला जड़ना पड़ रहा है। विरोध में शामिल हुई महिला विंग की कार्यकर्ताओं ने पार्टी के फैसले को जमीनी हकीकत के साथ भद्दा मजाक करार दिया।