बिलावर। श्री नरसिंह गोशाला मांडली में सात दिनों तक श्री राम कथा का आयोजन किया गया। इसका समापन शनिवार को भंडारे के साथ हुआ। कथावाचक विज्ञानानंद सरस्वती ने श्री राम के आदर्श जीवन, उनके मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप और भक्तों के प्रति उनकी असीम करुणा का बखान किया।
उन्होंने रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से समाज में सत्य, प्रेम और सेवा भावना का महत्व बताया। कथा के समापन पर शनिवार को भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हवन, पूजन के साथ हुई।
पूर्णाहुति के बाद भगवान श्री राम को भोग लगाने के बाद भंडारा लगाया गया। भंडारे में स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम की महिमा से ओतप्रोत कथा सुनी।