किराए के कमरे में चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हार। संवाद
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बिलावर। उपमंडल की मल्हार पंचायत के प्रतिनिधियों ने सरकार से उनके गांव में बनाए गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की पक्की इमारत बनाने की मांग की है। पंचायत की सरपंच सलीमा बेगम और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि 20 वर्ष पूर्व मल्हार में सरकार की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था और इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से आज तक प्राथमिक उपचार के लिए इमारत नहीं बनाई गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिछले 20 वर्षों से गांव में स्थित एक कच्चे घर की निजी इमारत में किराए पर चल रहा है। सरपंच ने बताया कि जिला उपायुक्त कठुआ के मल्हार दौरे के दौरान भी कई बार अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की पक्की इमारत बनाई जाए लेकिन आज तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई संज्ञान नहीं लिया गया। सरपंच ने कहा कि पंचायत में कई करनाल सरकारी भूमि उपलब्ध है, जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सरकारी इमारत बनाई जा सकती है। एक सप्ताह पूर्व बग्गन गांव में हुए जिला उपायुक्त के दौरे में भी अधिकारियों को इस संबंध में अवगत करवाया गया लेकिन सरकार की ओर से इस संबंध में कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा। सरपंच ने कहा कि इलाके की आबादी 5000 से अधिक है और सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि किराए के एक कच्चे घर में चल रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कई सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। न ही पीएचसी के लिए कोई एंबुलेंस उपलब्ध है। वहीं, डॉक्टरों की कमी के चलते लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों का इलाज करवाने के लिए उप जिला अस्पताल बिलावर या जिला अस्पताल कठुआ जाना पड़ता है। लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सरपंच और मल्हार पंचायत के अन्य प्रतिनिधियों ने सरकार से प्राथमिक उपचार केंद्र मल्हार की सरकारी इमारत बनाने की मांग के साथ साथ प्राथमिक उपचार केंद्र में सही प्रकार के स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की मांग की है।