कठुआ। जिले में समस्याओं के समाधान के लिए हर बुधवार को आयोजित होने वाला ब्लॉक दिवस का कार्यक्रम केवल दिखावा ही साबित हो रहा है। बुधवार को बरनोटी में आयोजित ब्लॉक दिवस के दौरान क्षेत्र के ज्यादातर जनप्रतिनिधि अनुपस्थित ही रहे। ब्लॉक दिवस के दौरान पहुंचे डीसी राहुल यादव के समक्ष सरपंच मेरथ बलबीर सिंह जसरोटिया ने क्षेत्र में अवैध शराब के बढ़ते कारोबार पर चिंता जाहिर करते हुए, रोक लगाए जाने की मांग उठाई। साथ ही कहा कि जब से क्षेत्र में सरकार की ओर से वाइन शॉप को बंद किया गया है। पूरे इलाके में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से शुरु हो गया। उन्होंने कहा कि बरनोटी क्षेत्र में हर गांव और मोहल्ले में इन दिनों शराब का अवैध निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने आवास योजना के मुद्दे पर कहा कि 8 बार सर्वे होने के बावजूद पंचायतों में 6 से 8 घर निर्माण की मंजूरी मिली है। जिसमें से भी आधे घरों को आरक्षण के आधार पर देने की बात कही जा रही है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों के सामने समस्या आ खड़ी हुई है। योजना के तहत आवेदन करने वाले 50 लाभार्थियों में विशेष लाभार्थी का चुनाव कैसे किया जाए? उन्होंने खरीद केंद्र पर पिछले एक माह से फसल की तौल हो जाने के बावजूद किसानों को अब तक उनके पैसे न जारी किए जाने का मुद्दा उठाया। इस मौके पर बीडीसी अध्यक्ष बृजेश्वर सिंह ने भी प्रशासनिक कार्य प्रणाली को क्षेत्र के विकास में बाधा बताते हुए कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अपने घरों व्यापारिक प्रतिष्ठानों के नक्शे पास करवाने के लिए बीडीओ कार्यालय में आना पड़ता था। अब नए नियम के अनुसार उन्हें जम्मू स्थित आयुक्त कार्यालय से नक्शे पास करवाने होंगे। बरनोटी ब्लॉक के सैकड़ों लोगों ने आयुक्त कार्यालय में अपनी फाइलें जमा कर रखी है। लेकिन 3 महीने का समय बीत जाने के बाद भी अब तक एक भी नक्शा पास नहीं हो पाया है। वही क्षेत्र के लगभग सभी गांव में सरकारी रिकार्ड के अनुसार सड़क यातायात की सुविधा उपलब्ध है। जबकि आधा दर्जन गांव में अभी तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने बारिश के दौरान उज्ज बैराज के बहे हुए हिस्से को अब तक ठीक न किए जाने पर चिंता जताई। हर घर को नल देने के लिए शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना में काम कब शुरू होगा और कब इसके पैसे आएंगे, इसकी कोई जानकारी नहीं है। ऐसे हालात में इस तरह की बैठकों से समस्याओं पर चर्चा तो हो सकती है, उनका समाधान नहीं हो सकता है। बैठक के उपरांत पत्रकारों से बात करते हुए डीसी राहुल यादव ने कहा कि जनप्रतिधियों की ओर से उठाई गई सभी समस्याओं पर समाधान तलाशने के लिए जल्द प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुछ समस्याओं के कारण योजनाओं के क्रियान्वयन में अस्थाई बाधा थी जिसके कारण उन्हें लागू होने में देरी हुई है। लेकिन उनका विश्वास है। अब दोगुने उत्साह से काम करके नुकसान की भरपाई की जाएगी।
विक्की शर्मा सरपंच नगरोटा ने बताया कि बरनोटी ब्लॉक में जन समस्याओं के समाधान के नाम पर तीन बार ब्लॉक दिवस पर कार्यक्रम हो चुके हैं। इसके अलावा दो बार जिला विकास परिषद के अध्यक्ष भी जन समस्याओं को जानने के लिए यहां बैठक कर चुके हैं। लेकिन इन 5 बैठकों के दौरान लोगों द्वारा उठाए गए किसी भी एक मसले का कोई समाधान नहीं हुआ। लिहाजा ऐसी बैठकें सिर्फ चर्चाओं का साधन बनी हुई है। ऐसे में इन बैठकों का कोई औचित्य नहीं है। वित्तीय वर्ष के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों के अब तक टेंडर नहीं हुए हैं, अगर कुछ के टेंडर हुए हैं तो वह खुले नहीं है, और जनवरी माह में सरकार के आदेश के अनुसार विकास कार्यों के लिए जारी की गई धनराशि में 30 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। इन विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने के नाम पर सिर्फ बैठकों तक ही प्रशासन की कार्रवाई सीमित है। इसी के कारण उन्होंने इस ब्लॉक दिवस कार्यक्रम में शामिल होना जरूरी नहीं समझा।
वहीं, बिलावर में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के मीटिंग हॉल में बुधवार को ब्लॉक दिवस का आयोजन एडीसी संदेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। इस दौरान कई जनप्रतिनिधियों ने अधिकारी से लोगों को पेश आने वाली समस्याओं का समाधान करने की मांग की। नायब सरपंच सतीश शर्मा ने सुकराला और उसके आसपास के कई गांवों में पेश आने वाली पेयजल की समस्या का समाधान करने की मांग अधिकारी से की। उन्होंने अधिकारी को अवगत करवाया कि कई वर्ष पूर्व सुकराला और उसके आसपास के इलाकों में पेयजल आपूर्ति के लिए डगवेल बनाया गया था, जिसमें आज तक पाइप लाइन नहीं लगाई गई है। जल्द से जल्द पेयजल की समस्या का समाधान करने की मांग अधिकारी के समक्ष रखी गई। सरपंच कुलदीप कुमार ने धार डूगनू इलाके में चलने वाली मिनी बसों को जल्द से जल्द रूट परमिट दिलाने की मांग अधिकारी से की। कोटी गांव के निवासियों ने अधिकारी को अवगत करवाया कि उनके गांव में सरकार की ओर से डिस्पेंसरी बनाई गई है जो निजी इमारत में चलती है, अधिकारी से मांग की कि जल्द से जल्द गांव में किसी सरकारी जगह को चिह्नित किया जाए और डिस्पेंसरी की सरकारी इमारत बनाई जाए। बग्गन ब्लॉक के चेयरमैन निशा देवी ने खस्ताहाल सड़कों की जल्द से जल्द मरम्मत करने की मांग की वहीं ब्लाक चेयरमैन बिलावर ने फिंतर से बिलावर को जोड़ने वाली सड़क का काम जल्द से जल्द पूरा करने की मांग अधिकारी से की। इस मौके पर मौजूद संबंधित विभाग के अधिकारियों को एडीसी ने निर्देश दिए और लोगों को पेश आने वाली समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने का आश्वासन बैठक में पहुंचे जनप्रतिनिधियों को दिया। इस उपलक्ष्य पर सभी विभागों के अधिकारी कई इलाकों के जनप्रतिनिधि और कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।
वहीं, हीरानगर में ब्लॉक दिवस पर 2 घंटों तक अधिकारी पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस में बैठे रहे लेकिन कोई भी व्यक्ति यहां किसी तरह की समस्या लेकर नहीं आया। हालांकि जो अधिकारी यहां बैठे थे उनके कार्यालयों में आए लोगों को परेशान जरूर होना पड़ा।
तहसील कार्यालय में काम से आए रतन चंद ने कहा कि उनका काम जल्दी निपट जाए इसलिए वह सुबह ठीक 10 बजे तहसील कार्यालय में पहुंच गए। लेकिन यहां आकर मालूम पड़ा कि अधिकारी ब्लॉक दिवस के कार्यक्रम में बैठे हैं। करीब ढाई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सरपंच राकेश चौधरी ने कहा ब्लॉक दिवस अब प्रशासनिक अधिकारियों के समय की बर्बादी का कारण बन रहा है। जो समय अधिकारी कार्यक्रम में बैठकर बिताते हैं वही अगर कार्यालयों में बैठकर लोगों के काम करें तो कई लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा ब्लॉक दिवस में लोगों का अब कोई भरोसा नहीं रहा है और यह फ्लॉप शो हो गया है, क्योंकि यहां बताई समस्याओं का समाधान नहीं होता है। हमने भी क्षेत्र की समस्याओं को कई बार इस कार्यक्रम में उठाया लेकिन समाधान अभी तक नहीं हुआ। इसलिए बेहतर होगा कि सरकार इस कार्यक्रम को बंद करे। ताकि लोगों को कार्यालयों में अधिकारी मिल सकें। एसडीएम राकेश शर्मा ने बताया कि आज भी कार्यक्रम में कोई भी व्यक्ति समस्या लेकर नहीं आया। जबकि सभी विभागों के अधिकारी यहां मौजूद रहे।
बरनोटी में ब्लॉक दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते डीसी राहुल यादव। संवाद- फोटो : KATHUA