जिले के पहाड़ी इलाकों में बीते कुछ दिनों में ही तीसरी बार ओले गिरने से किसानों और बागवानों की कमर टूट गई है। सब्जियों की पनीरी के साथ साथ पौधों को जहां भारी नुकसान हुआ है, वहीं सेब, आडू, आलू बुखारा और खुमानी के पेड़ों को भी भारी नुकसान का अनुमान है। मक्की की बुआई इस बार जिन क्षेत्रों में हुई थी, वो पूरी तरह से तबाह हो गई है, तो वहीं मौसम न सुधरने तक इस बार मक्की बीजने में किसानों को मजबूरन इंतजार करना होगा। बुधवार सुबह से ही जिले के पहाड़ी इलाकों में बादल छाए रहे।
दोपहर होते तक बनी, बसोहली और बिलावर के उच्च पर्वतीय इलाकों में लगभग आधे घंटे तक जमकर ओले बरसे। जमीन पर ओलों की परत बिछने से पूरे इलाके कुछ समय के लिए सफेद हो गए। उधर, दोपहर चार बजे के लगभग कठुआ और आसपास के इलाकों में तेज हवा के बीच तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। लगभग 20 मिनट 5 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वीरवार को भी मौसम खराब रहने की संभावना है।